कृषि मंत्री की ट्रांसपोर्टर को दो टूक: टेंडर लेने के बाद घर बैठे तो होगी कार्रवाई, किसानों को आती है समस्या

Picture of priya singh

priya singh

SHARE:

कृषि मंत्री ने कहा कि हर सीजन में उठान की ही समस्या रहती है। कई ट्रांसपोर्टर टेंडर लेने के बाद घर बैठ जाते हैं, जिससे उठान नहीं होता और जाम लगता है।
कृषि मंत्री की ट्रांसपोर्टर को दो टूक: टेंडर लेने के बाद घर बैठे तो होगी  कार्रवाई, किसानों को आती है समस्या
प्रदेश सरकार अनाज खरीद की व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगी है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा व परेशानी का सामना न करना पड़े और गड़बड़ियां भी रोकी जा सके। इसके लिए ही सरकार अनाज मंडियों में शुद्धिकरण कर रही है। गेट पास, बॉयोमीट्रिक व्यवस्था इसी का ही हिस्सा है। किसानों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।

यह कहना है प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का। वे यहां पहले पिपली फिर थानेसर अनाज मंडी में गेहूं खरीद प्रबंधों की व्यवस्था देखने पहुंचे थे। उन्होंने यहां आढ़तियों, अधिकारियों और किसानों से चर्चा की। कृषि मंत्री ने अब तक अनाज मंडियों में आई गेहूं, कटे गेट पास व खरीद प्रबंधों पर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और कहा कि किसी की भी तरफ से कोई शिकायत नहीं रहनी चाहिए।

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने जब थानेसर अनाज मंडी में ट्रांस्पोर्टरों की जानकारी ली तो अधिकारियों ने कुछ अन्य के साथ राणा जी का भी नाम लिया। इस पर कृषि मंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मेरे गले मत पा दियो। यह कहते ही हंसी का फव्वार फूट पड़ा।

ट्रांसपोर्टर घर बैठा तो होगी कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि हर सीजन में उठान की ही समस्या रहती है। कई ट्रांसपोर्टर टेंडर लेने के बाद घर बैठ जाते हैं, जिससे उठान नहीं होता और जाम लगता है। लेकिन अब यह मनमानी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उठान के बाद जब अनाज आगे एजेंसी के पास पहुंच जाता है तो उसके 48 घंटे बाद किसान को भुगतान होता है लेकिन ट्रांसपोर्टर व उठान एजेंसी की लापरवाही से यह भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता लेकिन इस बार सरकार ऐसी कोताही सहन नहीं करेगी।

सीधी बारिश होने से नहीं होता कभी नुकसान
कृषि मंत्री ने कहा कि सीधे व सामान्य बारिश होने से कभी फसल में नुकसान नहीं होता लेकिन जब तूफान के साथ बारिश और ज्यादा मात्रा में होती है तो ही नुकसान होता है। कृषि मंत्री ने यह भी अगाह किया कि हमारे किसानों द्वारा पैदा किए अनाज को हम बेहतर सरंक्षित नहीं कर पाए तो भविष्य में एक-एक दाने को भी तरसना पड़ सकता है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है।

priya singh
Author: priya singh

सबसे ज्यादा पड़ गई