मथुरा जंक्शन पर रोती हुई तीन वर्षीय बच्ची को जीआरपी ने ढूंढकर सुरक्षित रखा और परिजनों की तलाश शुरू की। फोटो के जरिए पहचान होने पर बच्ची को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

मथुरा जंक्शन पर रविवार को गश्त के दौरान जीआरपी की टीम को एक तीन वर्षीय बालिका रोती हुई मिली। स्टेशन परिसर पर काफी देर तक परिजन की खोजबीन की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। महिला हेड कांस्टेबल ने बच्ची से प्यार से उसका नाम पूछा।
बच्ची केवल अपना नाम बता सकी, अन्य जानकारी देने में असमर्थ थी। इसके बाद उसकी फोटो के माध्यम से परिजन की तलाश शुरू की गई। जीआरपी टीम ने स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म, बुकिंग हॉल, वेटिंग हॉल और मुसाफिरखाने में बच्ची के बारे में जानकारी की। कुछ ही देर बाद फर्रुखाबाद निवासी एक व्यक्ति (बच्ची के मामा) और उसकी मां वहां पहुंचे और अपनी बच्ची के खो जाने की सूचना दी।
फोटो दिखाने पर उन्होंने बच्ची की पहचान कर ली। जीआरपी ने बच्ची को परिजन के सुपुर्द कर दिया।