Haryana: रूस-यूक्रेन युद्ध में सोनीपत के युवक की मौत, पढ़ाई के लिए गया था विदेश; जबरन थमा दी बंदूक

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अंकित का शव जब गांव कुराड़ पहुंचा तो परिजनों का दर्द फूट पड़ा। मां-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

Sonipat young boy killed in Russia-Ukraine war

रूस-यूक्रेन युद्ध सोनीपत जिले के गांव कुराड़ के एक युवक के लिए काल बन गया। गांव कुराड़ निवासी अंकित की रूस में हुई मौत ने परिजनों और ग्रामीणों को झकझोर दिया। वीरवार को जब शव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। हर आंख नम हो गई। अंकित पिता का इकलौता बेटा था।

ग्रामीण पवन ने बताया कि चचेरा भाई अंकित (26) वर्ष मार्च 2025 में करीब सात लाख रुपये खर्च कर रूसी भाषा का कोर्स करने के लिए रूस गया था। वह पहले करीब पांच माह तक मास्को में पढ़ाई के साथ होटल में अंशकालिक काम करते थे। उन्हें रूस की सेना में जबरन शामिल किया गया था। उनके भाई को धमकी दी गई कि सेना में भर्ती नहीं हुए तो आतंकवादी घोषित कर जेल में डाल दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि उसे करीब 2 लाख रुपये मासिक वेतन का लालच भी दिया गया था। बताया जा रहा है कि अंकित को अगस्त 2025 में सेना में भर्ती किया गया। वहां कुछ दिन तक ट्रेनिंग देने के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध में लड़ने को भेज दिया गया। सेना में भर्ती किए जाने के 15-20 दिन बाद उन्हें पता लगा। युद्ध में अंकित की मौत हो गई।

अंकित का शव जब गांव कुराड़ पहुंचा तो परिजनों का दर्द फूट पड़ा। मां-बाप और बहनों का रोकर बुरा हाल हो गया। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने भी शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

Sonipat young boy killed in Russia-Ukraine war
पांच माह पहले हुई आखिरी बार बातचीत
अंकित के मामा संजय ने बताया कि 9 अक्तूबर 2025 को आखिरी बार उनकी बातचीत हुई थी। तब भी सामान्य परिवार के बारे में ही बातचीत हुई थी। इसके बाद से उनका उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। करनाल के घरौंडा के युवक का शव आने के बाद वहां से उन्हें अंकित की युद्ध में मौत का पता लगा। इसके बाद दूतावास में पता करने पर उन्हें जानकारी मिली। अब वीरवार को भांजे का शव गांव में आया है।

दिव्यांग पिता का इकलौता सहारा था अंकित
अंकित अपने दिव्यांग पिता का इकलौता सहारा था। पिता बीमारी के चलते एक पांव खो चुके हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी अंकित के कंधों पर थी। उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है और घर की उम्मीदें उसी पर टिकी थीं।

Sonipat young boy killed in Russia-Ukraine war
परिजन बोले- भारतीय युवाओं को सुरक्षित लाया जाए वापस
अंकित की बहन अन्नू ने रोते हुए कहा कि भाई पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए रूस गया था लेकिन उसे जबरन युद्ध में झोंक दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि रूस में फंसे अन्य भारतीय युवाओं को जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए ताकि किसी और परिवार को ऐसा दुख न सहना पड़े।
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Author: priya singh

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