मुरादाबाद के निर्यातक से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने वाला बदमाश पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। हापुड़ निवासी आशू उर्फ मोंटी पर पचास हजार का इनाम था। 36 मुकदमों में से नौ मेरठ में दर्ज हैं। एसटीएफ मेरठ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आशू मारा गया।
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मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र के प्रेम नगर स्थित वजीर चंद्र एक्सपोर्ट के मालिक एवं निर्यातक अरशू ढल से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले बदमाश को पुलिस ने बुधवार रात मुठभेड़ में ढेर कर दिया। बदमाश की पहचान आशू उर्फ मोंटी के रूप में हुई है। वह हापुड़ के हाफिजपुर थानाक्षेत्र के मीरापुर गांव निवासी था। उस पर 50 हजार का इनामी था।
मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की। मोंटी पर अलग-अलग थानों में दर्ज 36 मुकदमे में से नौ मेरठ के हैं। एसटीएफ एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि उसने साल 2014 में सरूरपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर रजापुर में जिला पंचायत सदस्य मीतन के भाई चेतन की हत्या कर दी थी।
मुरादाबाद के सिविल लाइंस के रामगंगा विहार स्थित शुभम ग्रीन विला निवासी अरशू ढल की कांठ रोड पर प्रेम नगर में वजीरचंद एक्सपोर्ट फर्म है। उन्होंने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 12 मार्च की रात 8:08 बजे उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से मिस कॉल आई थी। इसके एक मिनट बाद व्हाट्सएप पर दोबारा कॉल आई। निर्यातक ने कॉल रिसीव की तो सामने वाले ने गाली गलौज शुरू कर दी। निर्यातक ने कॉल काट दी। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप मैसेज किया और पांच करोड़ का इंतजाम करने को कहा।
एक्सपोर्टर का कहना है कि 14 मार्च की दोपहर 2:31 बजे आरोपी ने फिर से मैसेज किया और कहा कि तुम आशू उधम को नहीं जानते हो। इसके बाद जान से मारने की धमकी भरा मैसेज भेजा था। इसके अगले ही दिन बाइक सवार बदमाशों ने फर्म के गेट पर पहुंचकर फायरिंग की थी। इस मामले में गार्ड उमेश की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि आशू पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
सिविल लाइंस पुलिस के अलावा एसटीएफ भी उसकी तलाश में थी। बुधवार की रात आरोपी बदमाश आशू रंगदारी की रकम लेने मुरादाबाद पहुंचा था। सिविल लाइंस क्षेत्र में इस्लाम नगर रोड पर पोस्टमार्टम हाउस के पास बदमाश मौजूद था।
टीमों ने उसे घेरने की कोशिश की तो उसने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने फायरिंग कर दी। बदमाश को दो गोली लगीं और वह मौके पर ही गिर गया। पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वेस्ट यूपी के कुख्यात उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर था आशू उर्फ मोंटी
मुरादाबाद शहर की नामचीन निर्यात फर्म बजीरचंद्र के मालिक अरशू ढल से कुख्यात उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर आशू उर्फ मोंटी चड्ढा पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहा था। यह गिरोह वर्षों से मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी और एनसीआर में कारोबारियों से रंगदारी, फिरौती मांगने और सुपारी लेकर हत्या के अलावा बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम देता आ रहा है।
हापुड़ के हाफिजपुर थानाक्षेत्र के मीरापुर निवासी आशू उर्फ मोंटी चड्ढा 2010 में हत्या के मामले में जेल गया था। जेल में वह उधम गैंग के संपर्क में आ गया। जमानत मिली तो वह बाहर आकर उधम सिंह गैंग में शामिल हो गया। इसके बाद उसने रंगदारी मांगनी शुरू कर दी।
रंगदारी नहीं मिलने पर उसने हत्याएं भी कीं। आशू उर्फ मोंटी ने अपने साथी के साथ मिलकर मुरादाबाद के कारोबारियों से रंगदारी मांगने की योजना बनाई। उसने अपने कुछ साथियों की मदद से मुरादाबाद के निर्यातक अरशू ढल का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और व्हाट्सएप के जरिए रंगदारी मांगनी शुरू कर दी।
आशू उर्फ मोंटी ने कारोबारी को धमकी दी कि अगर रकम नहीं देगा तो वह उसकी हत्या कर देगा। इस मामले में निर्यातक ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस अलर्ट हो गई। इसी बीच आशू उर्फ मोंटी अपने साथी के साथ कारोबारी की फैक्टरी पर पहुंच गया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
गार्ड को धमकी देकर गया था कि अगर रकम नहीं मिली तो निर्यातक की हत्या कर देंगे। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए थे। इसके बाद भी शार्प शूटर आशू उर्फ मोंटी कारोबारी के संपर्क में था। पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।
बुधवार की रात करीब दस बजे मेरठ की एसटीएफ उसका पीछा करते हुए मुरादाबाद पहुंच गई। एसटीएफ ने मुरादाबाद की सिविल लाइंस पुलिस से संपर्क किया और घेराबंदी शुरू कर दी।
आशू उर्फ मोंटी को पुलिस ने घेर लिया लेकिन उसका साथी मौके से भाग गया। आशू को पेट और सीने के आस पास तीन गोलियां लगी हैं। जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
हापुड़ में मुठभेड़ में पकड़ा गया था आशू
सिविल लाइंस क्षेत्र में मुठभेड़ में ढेर किया गया बदमाश आशू उर्फ मोंटी हापुड़ के हाफिजपुर थानाक्षेत्र के मीरापुर कला का रहने वाला था। करीब छह साल पहले उसे हापुड़ में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था।
फावड़े से हमला कर की थी पहली हत्या
पुलिस के मुताबिक 2010 में आशू ने अपने ही गांव मीरापुर कलां निवासी पप्पू की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी थी। पप्पू की पत्नी उर्मिला ने आशू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब एक साल बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई थी लेकिन एक साल बाद ही 2012 में वह पेरोल पर जेल से बाहर आ गया था।
इसके बाद 2014 में मेरठ के थाना सरधना और थाना सरूरपुर क्षेत्र में गैंगवार के दौरान हुई दो हत्याओं के मामले पुलिस ने आशू को गिरफ्तार किया था। 2016 में गाजियाबाद के थाना कविनगर क्षेत्र में लूट और इंद्रापुरम से चोरी के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। 2017 में हत्या के प्रयास के मामले में मेरठ सरूरपुर व गाजियाबाद के कविनगर से चोरी का वाहन बरामद किए गए थे।
आरोपी से पुलिस ने यह सामान किया बरामद
मुरादाबाद के सिविल लाइंस पुलिस ने स्विफ्ट कार, 32 बार की पिस्टल, 32 बोर का रिवाल्वर, 12 बोर की बंदूक, भारी मात्रा में खोखा और कारतूस बरामद किए हैं।