पंचकूला के चंडीमंदिर स्थित वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार आज रिटायर हो रहे है। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी सीमाओं पर अहम भूमिका निभाई थी।

वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार मंगलवार को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। करीब 40 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने कहा कि फिलहाल अपने अनुभवों पर किताब लिखने का उनका कोई इरादा नहीं है। वे अब समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद लखनऊ में बसने की योजना है।
लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी सीमाओं पर अहम भूमिका निभाई थी। अपने विदाई संबोधन में उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में सेना की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और वेस्टर्न कमांड आज भी हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि कमांड अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए सशस्त्र ड्रोन के निर्माण पर भी काम कर रही है।
जुलाई 2023 में संभाली थी वेस्टर्न कमांड की कमान
उन्होंने पंजाब में पिछले साल आई भीषण बाढ़ त्रासदी के दौरान चलाए गए ऑपरेशन राहत के तहत किए कार्याें के लिए जवानों व आम जनता के सहयोग की सराहना की। जून 1986 में राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार का कॅरिअर उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता, परिचालन उत्कृष्टता और दूरदर्शी नेतृत्व से परिपूर्ण रहा है। इन दौरान उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण परिचालन क्षेत्रों में कार्य किया है। जिनमें सियाचिन ग्लेशियर, एलओसी व एलएसी क्षेत्र मुख्यत: शामिल हैं। 1 जुलाई 2023 को उन्होंने वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी।
भूटान में भी दे चुके प्रशिक्षण
कमांडर कटियार उरी सेक्टर, टाकसिंग में इन्फैंट्री बटालियन, पश्चिमी सीमाओं पर इन्फैंट्री ब्रिगेड व उत्तरी सीमाओं पर रिजर्व माउंटेन डिवीजन की कमान भी संभाल चुके हैं। कई अहम पदों पर रहने के साथ-साथ वे भूटान में भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल के साथ प्रशिक्षक भी रहे हैं। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (2025), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (2025) व अति विशिष्ट सेवा मेडल (2021) से सम्मानित किया गया था। सोमवार को एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वीर स्मृति स्मारक पर शहीदों को नमन भी किया।