यूपी के बरेली में बुजुर्ग की हत्या का खुलासा हो गया है। बाप नदीम ने हाथ पकड़े और बेटे अरसल ने बुजुर्ग का गला दबा दिया था। मारूफ बेगम की हत्या के मामले में दो आरोपियों को जेल भेजा गया है।

यूपी के बरेली के थाना प्रेमनगर इलाके में रिश्तेदारों के बीच मजाक में हुए विवाद के बाद 70 वर्षीय महिला मारूफ बेगम की गला दबाकर हत्या की गई थी। जांच पड़ताल और डॉक्टरों से रायशुमारी के बाद पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने इन्हें जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ब्रह्मपुरा टायर मंडी में 26 मार्च को रात के वक्त हुई घटना के बाद नदीम खां ने प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट कराई थी कि पड़ोस के ही छह लोगों ने उनके घर पर हमला कर दिया। आरोपी दरवाजा तोड़कर घर में घुसने लगे, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी दी।
दरवाजा न खुलने पर आरोपियों ने घर में ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस दौरान उनकी मां मारूफ बेगम से धक्कामुक्की हुई। एक ईंट भी मां के सीने पर लगी। मां पहले से दिल की मरीज थीं, उनकी थोड़ी देर बाद मौत हो गई। प्रेमनगर पुलिस ने तत्काल धरपकड़ शुरू कर दी।
थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने अरसल व उसके पिता नदीम को गिरफ्तार कर लिया। नदीम ने बताया कि दोनों पक्ष ही रिश्तेदार हैं। दोनों की आसपास दुकान हैं।
अरसल की एक दिन पहले इमरान से मजाक को लेकर दुकान पर कहासुनी हो गई थी। इसी को लेकर मामला बढ़ा और गुस्से में परिवार के साथ उन लोगों ने इमरान के घर चढ़ाई कर दी। तभी ये घटना हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उलझाया था मामला
रिपोर्ट कराने वालों ने भी कहासुनी और झगड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब वादी समेत पुलिस को यही लग रहा था कि बुजुर्ग की मौत सदमे या दिल के दौरे से हुई है। यह भी तर्क दिया जा रहा था कि आरोपी पक्ष गेट को पीटता रहा पर दरवाजा न खुलने पर गालीगलौज करके चले गए।
रिपोर्ट कराने वालों ने भी कहासुनी और झगड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब वादी समेत पुलिस को यही लग रहा था कि बुजुर्ग की मौत सदमे या दिल के दौरे से हुई है। यह भी तर्क दिया जा रहा था कि आरोपी पक्ष गेट को पीटता रहा पर दरवाजा न खुलने पर गालीगलौज करके चले गए।
पोस्टमॉर्टम में बुजुर्ग की मौत की वजह (थ्रॉटलिंग) गला दबने से होने की पुष्टि से मामला उलझ गया था। सवाल उठ रहे थे कि दरवाजा खुला ही नहीं तो गला दबाकर हत्या कैसे कर दी गई? हालांकि इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच में पता लगा कि हमलावर एक बार पहले भी घर में घुस चुके थे।
उसी दौरान अरसल ने बुजुर्ग का गला दबा दिया था जबकि उसके पिता व अन्य ने हाथ पकड़ लिए थे। डॉक्टरों ने बताया कि कई बार गला दबाने की स्थिति में मौत कुछ समय बाद होती है। इस मामले में ऐसा ही हुआ।