
10 नवंबर 2021 को सुमित कुमार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शुरुआत में यह मामला सामान्य कार्रवाई के तहत दर्ज किया गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान सामने आया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। तब मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि गांव मांडखेड़ी निवासी अमन उर्फ हिमांशु और उसका भाई रमन उर्फ हैप्पी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर सुमित को नशीला पदार्थ पिलाया।
गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि सुमित की मौत नशीला पदार्थ दिए जाने के कारण हुई। इसके बाद पुलिस ने मामला गैर इरादतन हत्या में तब्दील करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना से पहले आरोपियों ने सुमित को अपने साथ ले जाकर सुनसान स्थान पर नशीला पदार्थ दिया था। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने अमन उर्फ हिमांशु और रमन उर्फ हैप्पी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। वहीं, तीसरे आरोपी रमन निवासी कलसौरा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया। फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने संतोष जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिला है।