बांसवाड़ा पथराव प्रकरण में एक्शन: 36 उपद्रवियों के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज, पांच आरोपी हिरासत में लिए गए

Picture of Farheen

Farheen

SHARE:

बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में कचरा संग्रहण केंद्र की जमीन का सीमांकन करने पहुंची टीम पर पथराव के मामले में 36 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है।

Stone pelting incident in Hindoliya Charan: Two separate cases registered against 36 miscreants

बांसवाड़ा के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के हिंडोलिया चरण गांव में नगर पालिका के कचरा संग्रहण केंद्र के लिए आरक्षित की गई जमीन का सीमांकन करने पहुंची टीम पर पथराव करने के मामले में 36 लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मामले में कुशलगढ़ थाना पुलिस ने पांच उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। इधर, मौके पर शांति बनी हुई है।

कुशलगढ़ थाना पुलिस के अनुसार एक प्रकरण थाना अधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया की ओर से दर्ज कराया गया है, जिसमें निवर्तमान सरपंच कालू सिंह सहित 36 जनों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया गया है। एक अन्य प्रकरण नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रभुलाल भाबोर की ओर से दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में पांच उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।

कब्जा कर खेती कर रहे
नगर पालिका और प्रशासन की टीम जिस भूमि का सीमांकन करने गई थी, वहां कुछ ग्रामीण कब्जा करके खेती भी करते हैं। फसल काटने के बाद वह जगह खाली हो गई थी। मंगलवार को जब उपखंड अधिकारी राकेश न्योल, तहसीलदार, पुलिस और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची तो करीब 200 से अधिक लोग एकत्र हो गए और उन्होंने पथराव कर दिया।

इससे उपखंड अधिकारी और तहसीलदार की सरकारी गाड़ी के शीशे फूट गए। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कुशलगढ़ थाने के उप निरीक्षक देवीलाल, एएसआई अमृतलाल, हेड कांस्टेबल मोहनलाल, कान्तिलाल, हेमन्त, कांस्टेबल मनु कुमारी, जोशना और चन्द्रपाल सिंह को चोटें आई।

सरपंच से की थी बात
उपखंड अधिकारी के अनुसार, भूमि के सीमांकन के लिए हिंडोलिया चरण गांव के सरपंच के साथ बातचीत की गई थी, किन्तु सरपंच ग्रामीणों से समझाइश नहीं कर पाए। जब टीम सीमांकन के लिए पहुंची तो लोगों ने सीधे विरोध और पत्थर करना शुरू कर दिया। जिससे हालात बिगड़े। घटनाक्रम को लेकर पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज हुए हैं। घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है।

Farheen
Author: Farheen

सबसे ज्यादा पड़ गई