लुधियाना के जगरांव में धार्मिक डेरे की आड़ में काला कारोबार चलाया जा रहा था। जहां लोग अपनी आस्था लेकर माथा टेकने आते थे वहां असल में नशा तस्करी का गोरखधंधा चल रहा था।

लुधियाना के जगरांव में धार्मिक डेरे की आड़ में काला कारोबार चलाया जा रहा था। जहां लोग अपनी आस्था लेकर माथा टेकने आते थे वहां असल में नशा तस्करी का गोरखधंधा चल रहा था। पुलिस के सीआईए स्टाफ ने डेरा संचालक को उसके एक साथी समेत गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीआईए स्टाफ के एएसआई सुखदेव सिंह ने बताया कि वह पुलिस पार्टी के साथ गश्त के दौरान काउंके कला रोड से नानकसर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में दो संदिग्ध व्यक्ति पर्दे में एक लिफाफे की लेन-देन करते नजर आए। शक होने पर जब पुलिस टीम ने उन्हें घेरने की कोशिश की तो दोनों ने घबराकर लिफाफा सड़क किनारे फेंक दिया और खेतों की तरफ भाग निकले।
पुलिस ने तुरंत पीछा कर दोनों को काबू कर लिया। सड़क पर फेंके गए लिफाफा जब चेक किया गया तो उसमें से हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद थाना सिटी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान भगवान सिंह ने कबूल किया कि वह डेरा कोठी नाहर सिंह में डेरा चलाता है। जांच अधिकारी के अनुसार भगवान सिंह पर पहले भी मामला दर्ज है, जबकि उसका साथी प्रिंस कुमार कुछ समय पहले ही परोल पर जेल से बाहर आया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और नशे की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी।