विरोधी दल एआई को हथियार बनाकर झूठे और अर्धसत्य नैरेटिव गढ़ रहे हैं, जिससे मतदाताओं की सोच प्रभावित होती है। ऐसे में सत्य, असत्य और भ्रामक सूचनाओं की पहचान कर प्रभावी जवाब देना संगठन की प्राथमिकता होगी।

बदलते राजनीतिक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित नैरेटिव के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भाजपा ने संगठन को तकनीकी रूप से सजग और बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति बनाई है। सोशल मीडिया पर एआई जनरेटेड सामग्री के जरिए तेजी से फैल रहे भ्रामक प्रचार का मुकाबला करने के लिए पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देगी। साथ ही संगठन में कार्यकर्ताओं की संभाल और उनके विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
इसी क्रम में सोमवार को चंडीगढ़ में आठ राज्यों के वरिष्ठ नेताओं का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख के नेता शामिल हुए। ये नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे।
शिविर में नेताओं को बताया गया कि एआई समय की मांग है, लेकिन इसके सदुपयोग और दुरुपयोग की समझ बेहद जरूरी है। विरोधी दल एआई को हथियार बनाकर झूठे और अर्धसत्य नैरेटिव गढ़ रहे हैं, जिससे मतदाताओं की सोच प्रभावित होती है। ऐसे में सत्य, असत्य और भ्रामक सूचनाओं की पहचान कर प्रभावी जवाब देना संगठन की प्राथमिकता होगी।
उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति
पार्टी ने स्पष्ट किया कि संगठन की मजबूती बूथ स्तर से शुरू होती है। स्थानीय नेताओं को निर्देश दिए गए कि वे कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में साथ खड़े रहें, ताकि वे स्वयं को अकेला महसूस न करें। इससे जमीनी स्तर पर उत्साह और सक्रियता बढ़ेगी।
शिविर में केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। नेताओं को बताया गया कि यह जिम्मेदारी केवल कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि वरिष्ठ नेतृत्व की भी है। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राष्ट्रीय चुनौतियों की समझ जरूरी
इसके अलावा राष्ट्रीय चुनौतियों और केंद्र सरकार की नीतियों की समझ विकसित करने पर जोर दिया गया। पार्टी का मानना है कि विपक्ष इन्हीं मुद्दों पर भ्रामक नैरेटिव गढ़ता है, इसलिए तथ्यात्मक जानकारी के साथ जनता तक पहुंचना आवश्यक है। संगठन के वैचारिक अधिष्ठान, राष्ट्र और राष्ट्रीयता की समझ तथा कर्तव्यबोध जैसे विषयों पर भी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सजग किया जाएगा। भाजपा का उद्देश्य तकनीक और संगठनात्मक मजबूती के जरिए राजनीतिक विमर्श में प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करना है।