लाहौर आश्रय गृह से रिहा हुई सरबजीत कौर: बोली-मुंह में दांत न रहते तो भी पाकिस्तान आती, नासिर से गहरा रिश्ता

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सरबजीत ने कहा कि उनका और नासिर का आठ साल पुराना रिश्ता है। वे फेसबुक के माध्यम से मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर मेरे मुंह में दांत न भी रहते, तब भी मैं पाकिस्तान आती। मैं अपनी बाकी जिंदगी यहीं खुशी से बिताऊंगी।

Sarabjit Kaur released from Lahore shelter home Pakistan

सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई सरबजीत कौर को लाहौर के महिला आश्रय गृह ‘दारुल अमन’ से रिहा कर दिया गया है।

धर्म परिवर्तन के बाद नूर फातिमा नाम रखने वाली सरबजीत अब शेखूपुरा स्थित अपने पति नासिर हुसैन के घर पहुंच गई है। उनके वकील अहमद हसन पाशा के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी। प्रारंभ में वाघा सीमा के रास्ते भारत भेजने की तैयारी थी, लेकिन अंतिम समय में पाक अधिकारियों ने डिपोर्ट करने से इनकार कर दिया।

पाक मीडिया से बातचीत में सरबजीत ने कहा कि उनका और नासिर का आठ साल पुराना रिश्ता है। वे फेसबुक के माध्यम से मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर मेरे मुंह में दांत न भी रहते, तब भी मैं पाकिस्तान आती। मैं अपनी बाकी जिंदगी यहीं खुशी से बिताऊंगी। एवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड की अधिसूचना के अनुसार विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उन्हें राजनीतिक आधार पर डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। कपूरथला के अमानीपुर गांव निवासी सरबजीत के दो बेटे हैं।

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Author: Farheen