
यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व प्रोसेसिंग का कार्य कर रही नगर निगम की अधिकृत एजेंसी ने ग्लोबल पैनल इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ औपचारिक समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते के तहत प्रोसेसिंग के बाद तैयार किए गए आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) का उपयोग अधिकृत औद्योगिक इकाइयों में किया जाएगा।
एनजीटी के मानकों का करना होगा पालन
यह पूरी प्रक्रिया ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी। आरडीएफ का संग्रहण, हैंडलिंग, परिवहन और अंतिम उपयोग निर्धारित पर्यावरणीय मानकों और प्रदूषण नियंत्रण प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का पर्यावरणीय या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उत्पन्न न हो।
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स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के लिए महत्वपूर्ण कदम
स्वच्छ भारत मिशन शहरी के सलाहकार लोकेश सेन ने बताया कि कचरे के संग्रहण से लेकर उसके अंतिम उपयोग तक की यह सुव्यवस्थित शृंखला शहर को जीरो-वेस्ट मॉडल की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही यह पहल स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के दृष्टिगत भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रोसेस्ड कचरे के अधिकृत औद्योगिक उपयोग से नगर निगम के प्रदर्शन में सुधार होगा और शहर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने में यह व्यवस्था प्रभावी भूमिका निभाएगी।