विजिलेंस ब्यूरो ने पिछले साल 25 जून को बिक्रम मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। यह केस 540 करोड़ रुपये की ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। इस मामले में 22 अगस्त को मोहाली की अदालत में 40,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी।

आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया नाभा जेल से बाहर आ गए हैं। जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। मजीठिया के समर्थक जेल के बाहर डटे हुए हैं। जेल के बाहर ढोल-नगाड़ों के साथ भंगड़ा हो रहा है। मजीठिया करीब सात माह से नाभा जेल में बंद थे।
बाहर आने के बाद मजीठिया ने आप सरकार पर हमला बोला। मजीठिया ने आरोप लगाया कि आप सरकार मूसेवाला की तरह मुझे मरवा सकती है लेकिन मजीठिया न झुकेगा, न रूकेगा। मैं पंजाब की बात करता रहूंगा। उन्होंने विपक्ष के नेताओं का धन्यवाद किया। मजीठिया ने कहा कि सरकार ने उनकी पत्नी को बहुत परेशान किया।
मजीठिया में कहा कि सरकार चाहती थी कि वह जेल से जिंदा बाहर ना आएं लेकिन पंजाब के सभी लोगों की दुआओं का असर है कि वह पूरी चढ़दी कला में हैं। साथ ही वह ऐलान करना चाहते हैं कि वह सरकार से नहीं डरते हैं और आगे भी इसी तरह से पंजाब के किसानों, मजदूरों लोगों और नौजवानों की आवाज बनकर सरकार के खिलाफ झंडा बुलंद करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। अगर कोई इस पर सवाल उठता है तो उस पर झूठे केस डालकर जेल में डाल दिया जाता है।
डेरा ब्यास प्रमुख ने की थी मुलाकात
राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों सोमवार को मजीठिया से मुलाकात करने नाभा जेल पहुंचे थे। उन्होंने करीब अधा घंटा जेल में मजीठिया से बात की। डेरा प्रमुख ने बाहर आकर कहा था कि मजीठिया के खिलाफ लगे सभी आरोप झूठे हैं। मजीठिया उनके दोस्त हैं, इसलिए वे उनसे मिलने आए हैं। जेल में वह खुश और पूरी तरह चड़दी कलां में हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भी जेल में मजीठिया से मिलने आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के अगले ही दिन ढिल्लों की यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी।



