25 साल की साध्वी की रहस्यमयी मौत: इंजेक्शन, वायरल वीडियो और ‘सुसाइड पोस्ट’; प्रेम बाईसा केस में क्या है सच?

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Prem Baisa Death Mystery: 25 वर्षीय साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इंजेक्शन, मौत के बाद वायरल सुसाइड पोस्ट और पुराने विवाद क्या महज संयोग हैं या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का क्या है रहस्य? जल्द उठेगा पर्दा... एसआईटी करेगी  जांच, जोधपुर कमिश्नर ने दिए आदेश - sadhvi prem baisa death case sit formed  jodhpur police ...

राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की विवादित मौत के बाद गुरुवार को उन्हें संत परंपरा के अनुसार समाधि दी गई। बुधवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जोधपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ ही मिनटों के भीतर उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी अचानक हुई मौत ने न सिर्फ उनके अनुयायियों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि इससे जुड़े पुराने विवाद भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

राजस्थान की जानी-मानी युवा साध्वी प्रेम बाईसा के कथावाचन और भजन के प्रोग्राम में अक्सर हजारों की भीड़ इकट्ठा होती थी। लेकिन बुधवार 28 जनवरी की शाम एकाएक कुछ ऐसा हुआ कि महज 25 साल की साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में रहस्यमयी हालात में मौत हो गई। अपनी मौत से कुछ देर पहले ही उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था और इसी के बाद उनकी तबीयत कुछ ऐसी बिगड़ी कि फिर वो रिकवर ही नहीं कर सकी। आश्रम से बीमार हालत में जब लोग साध्वी को लेकर अस्पताल पहुंचे, तब तक उनकी जान जा चुकी थी। अब साध्वी प्रेम बाईसा की मौत सवालों के घेरे में है। शक जताया जा रहा है कि उनकी मौत सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।

इन तीन वजहों से गुत्थी उलझी?
1- 
मौत के करीब 3 घंटे बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया उनका सुसाइड नोट
2- जुलाई 2025 में सामने आया साध्वी का एक आपत्तिजनक वीडियो
3- मौत से ठीक पहले साध्वी प्रेम बाईसा को लगाया गया रहस्यमयी इंजेक्शन

सबसे पहले बात करते उस सोशल मीडिया पोस्ट की जो साध्वी की मौत के करीब तीन घंटे बाद वायरल हुआ था। उस पोस्ट में क्या-क्या बातें लिखी गईं थीं, आइये जानते है।

मौत के बाद सामने आया इंस्टाग्राम पोस्ट
मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जीया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा। अग्निपरीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा… मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।”

जाहिर है, इस सुसाइड नोट में वो अपनी मौत की बात भी लिख रही हैं और साथ अग्निपरीक्षा देने की पेशकश करने का भी जिक्र कर रही हैं। वो पेशकश, जो वो पहले भी वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कर चुकी थी। यानी उनकी मौत का कनेक्शन उस वायरल वीडियो से भी जुड़ता है, जिसने उनकी और उनके गुरु की जिंदगी में भूचाल ला दिया था।

क्या है साध्वी से जुड़ा पुराना विवाद?
बात पिछले साल 13 जुलाई 2025 की है। सोशल मीडिया पर साध्वी का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वे एक व्यक्ति से गले मिलती नजर आ रही थीं। इस वीडियो को अश्लील बताकर व्यापक स्तर पर प्रचारित किया गया था, जिससे साध्वी की छवि को नुकसान पहुंचा। साध्वी ने 16 जुलाई को जोधपुर के बोरानाडा थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वीडियो में उनके साथ दिखने वाला व्यक्ति उनके पिता वीरमनाथ (गुरुजी) हैं।

उन्होंने बताया था कि यह वीडियो वर्ष 2021 का है, जब वे अवसाद में थीं और पिता ने उन्हें ढांढस बंधाने के लिए गले लगाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि साध्वी के पुराने साथियों ने इस वीडियो का दुरुपयोग किया। मामले में साउंड सिस्टम लगाने का काम करने वाले जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (29), उनके पूर्व ड्राइवर रमेश, जोगेंद्र की पत्नी कृष्णा सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

साध्वी ने आरोप लगाया था कि जोगेंद्र ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे से वीडियो निकालकर उसे वायरल करने की धमकी दी और 20 लाख रुपये की मांग की। पैसे न देने पर 13 जुलाई 2025 को वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। उस समय पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि आरोपियों ने बाप-बेटी के रिश्ते को गलत तरीके से पेश कर साध्वी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। इस पूरे मामले पर साध्वी प्रेम बाईसा ने कहा था कि “इन लोगों ने भगवे पर कलंक लगाया है। मैं अपनी सच्चाई साबित करने के लिए अग्निपरीक्षा देने को तैयार हूं।
रहस्यमयी इंजेक्शन
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक वो पिछले 2 दिनों से बीमार चल रही थी और उन्होंने बुधवार की शाम को आश्रम में ही एक कपाउंडर को बुलवा कर एक इंजेक्शन लगवाया था, लेकिन इस इंजेक्शन के बाद ही उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई और उनके हाथ-पांव ढीले पड़ गए। जिसके बाद उनके गुरु वीरमराम और आश्रम के सेवादार उन्हें लेकर एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अब आगे क्या?
फिलहाल, शक के घेरे में साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाला शख्स भी है और इंजेक्शन के जरिए दी गई दवाई भी। पुलिस ने साध्वी के शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कारण साफ नहीं हो पाया, जिसके बाद लेकिन मेडिकल सूत्रों के मुताबिक, साध्वी की छोटी और बड़ी आंत में लाल निशान मिले हैं, जो अक्सर जहर के असर से होते हैं। अगर जहर का संदेह सही है, तो आगे की जांच में यह साफ होगा। इस मामले में अब विसरा (आंतरिक अंग जैसे फेफड़े, यकृत, गुर्दे, आंत) की रासायनिक जांच की जा रही है। इससे पता चलेगा कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ था या नहीं और अगर था, तो वह कैसे पहुंचा। FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने SIT गठित की है, जिसका नेतृत्व एसीपी छवि शर्मा कर रही हैं।
क्या बोले डीसीपी?
सोमवार को डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसीपी कार्यालय पहुंचे, जहां साध्वी के पिता को बुलाकर पूछताछ की गई। मीडिया से बातचीत करते हुए डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरी टीम गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतका के बैकग्राउंड, उनके पिता के बैकग्राउंड, किसी से रंजिश या दुश्मनी, मेडिकल लापरवाही सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

डीसीपी ने बताया कि रविवार को एफएसएल टीम द्वारा दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया है और वहां से मिले अहम तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही साध्वी के पिता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े हर संभावित सुराग की पड़ताल की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में फिलहाल कोई भी व्यक्ति शक के दायरे से बाहर नहीं है और किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति को दोबारा बुलाया जाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।

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