रिपोर्टर: सतीश | संसदीय कार्यालय, सतना (मध्य प्रदेश)
सतना (मध्य प्रदेश)। केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत 53.5 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला है। यह बात सांसद गणेश सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि बजट में घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी गई है, जिससे देश की जरूरतों को देश में ही पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।


गणेश सिंह ने बताया कि बजट में 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर का लक्ष्य रखा गया है। अधोसंरचना के निर्माण के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 हजार करोड़ रुपये, एमएसएमई को मजबूत बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये, 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, हरित विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि सिटी इकोनॉमिक रीजन बनाने का भी प्रावधान किया गया है और देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की जाएगी। बजट में राजकोषीय घाटा कम करने, महंगाई पर नियंत्रण और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत आधार रखा गया है। इससे नागरिकों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
सांसद ने बताया कि बजट में पर्यटन, युवाओं के रोजगार, महिलाओं, गरीबों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए अनेक नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। दिव्यांगों के लिए दिव्यांग कौशल योजना और दिव्यांग सहारा योजना का भी प्रावधान किया गया है। 17 प्रकार की कैंसर की दवाइयों को कर मुक्त किया गया है और सात अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज सस्ता किया गया है।
ग्रामीण विकास को लेकर बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए 2,73,108 करोड़ रुपये, यूरिया खाद के लिए 1,16,508 करोड़ रुपये, उर्वरक सब्सिडी के लिए 54,000 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 19,000 करोड़ रुपये, मनरेगा के शेष कार्यों के लिए 30,000 करोड़ रुपये, आजीविका मिशन के लिए 19,200 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 12,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सड़क एवं रेल मंत्रालय के लिए 5,98,520 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन क्षेत्र में 20 पर्यटन स्थलों का चयन कर 10 हजार से अधिक गाइडों के कौशल उन्नयन की योजना बनाई गई है। 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित किया जाएगा। कृषि क्षेत्र में पशुपालन, मत्स्य पालन, नारियल, चंदन, कोको, काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम और अखरोट की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गणेश सिंह ने कहा कि यह बजट पूरी तरह दूरदर्शी है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की मजबूत नींव रखता है। यह बजट अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, अधोसंरचना को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगा।



