विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के करीबी सहयोगी और कथित कारोबारी सांझेदार हरप्रीत गुलाटी के खिलाफ मोहाली की अदालत में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 हजार पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है।

पंजाब के वरिष्ठ अकाली नेता और पूर्व मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया की आय से अधिक संपत्ति मामले में मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के करीबी सहयोगी और कथित कारोबारी सांझेदार हरप्रीत गुलाटी के खिलाफ मोहाली की अदालत में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 हजार पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। विजिलेंस अधिकारी ट्रंक में कागजात लेकर पहुंचे थे।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दायर चार्जशीट में वर्ष 2007 से 2017 के बीच हरप्रीत गुलाटी के वित्तीय लेन-देन, कंपनियों में हिस्सेदारी और संपत्तियों का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस दौरान मजीठिया और गुलाटी कई कंपनियों में सांझेदार रहे और कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई। करीब 10 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि 25 जून 2025 को विजिलेंस ब्यूरो ने विक्रम सिंह मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से मजीठिया नाभा जेल में बंद हैं। इस मामले में उनकी जमानत याचिका मोहाली की निचली अदालत और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। फिलहाल मजीठिया की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
इसी बीच, विजिलेंस द्वारा मजीठिया के करीबी सहयोगी हरप्रीत गुलाटी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किए जाने से केस ने नया मोड़ ले लिया है। हरप्रीत गुलाटी को कुछ महीने पहले मोहाली से गिरफ्तार किया गया था और वह इस मामले में न्यायिक हिरासत में है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, गुलाटी की कंपनियों और बैंक खातों की जांच में ऐसे कई लेन-देन सामने आए हैं, जिनका सीधा संबंध मजीठिया से जोड़ा जा रहा है।

