इस घटना के बाद इलाके में चाइना डोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा प्रतिबंध के बावजूद चाइना डोर की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है, जिससे ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।

अबोहर के पंजपीर नगरी निवासी 27 वर्षीय भूपिंदर के साथ वसंत पंचमी के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। भूपिंदर अपने पिता मदन लाल को बाइक पर बस स्टैंड से घर छोड़ने जा रहा था, तभी अचानक चाइना डोर उसकी गर्दन में फंस गई।
धारदार चाइना डोर के कारण भूपिंदर का गला बुरी तरह कट गया और वह लहूलुहान हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसके गले में करीब 15 टांके लगाए।
हादसा उस समय हुआ जब सड़क पर पतंग उड़ाने के लिए प्रतिबंधित चाइना डोर का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा था। गनीमत रही कि समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बच गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चाइना डोर बेचने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।