महाराष्ट्र के नाशिक शहर से एक बेहद भावुक और दिल झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां जन्म से दिव्यांग 21 साल की एक युवती ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवती ने अपने हाथ पर “I Love You Mom-Dad” लिखकर ऐसा संदेश छोड़ा, जिसने माता-पिता ही नहीं, बल्कि हर किसी की आंखें नम कर दीं। यह घटना नाशिक के गंगापुर रोड इलाके की बताई जा रही है।

परिजनों के अनुसार, युवती जन्म से ही शारीरिक रूप से दिव्यांग थी और रोजमर्रा के कई कामों के लिए दूसरों पर निर्भर थी। इसके बावजूद वह पढ़ाई और जिंदगी को लेकर सकारात्मक सोच रखती थी। परिवार ने कभी भी उसे बोझ नहीं समझा और हर संभव सहारा दिया। हालांकि, बीते कुछ समय से वह मानसिक रूप से परेशान और उदास रहने लगी थी, लेकिन उसने कभी खुलकर अपनी तकलीफ जाहिर नहीं की।
घटना के दिन जब काफी देर तक युवती कमरे से बाहर नहीं आई, तो परिजनों को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो वह फंदे से लटकी हुई मिली। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में जब परिजनों ने उसका हाथ देखा, तो उस पर लिखा “I Love You Mom-Dad” पढ़कर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, फिलहाल आत्महत्या का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन हाथ पर लिखा संदेश इस बात की ओर इशारा करता है कि युवती अपने माता-पिता से बेहद प्यार करती थी। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आत्महत्या के पीछे कोई खास वजह या दबाव तो नहीं था।
यह घटना एक बार फिर दिव्यांग युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संघर्ष और समाज में संवेदनशीलता की कमी जैसे गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक चुनौतियों के साथ जी रहे युवाओं को मानसिक और भावनात्मक सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। समय पर संवाद, काउंसलिंग और भावनात्मक समर्थन ऐसे दर्दनाक कदमों को रोका जा सकता है।
फिलहाल नाशिक पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है और हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दिखती मुस्कान के पीछे कितना गहरा दर्द छिपा हो सकता है।