बारां के अंता क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या से परेशान किसानों का सब्र टूट गया। फसलों की बर्बादी और प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित दर्जनों किसानों ने आसपास के क्षेत्रों से आवारा मवेशियों को इकट्ठा किया और सीधे नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए। किसानों ने इन मवेशियों को नगर पालिका परिसर के भीतर बंद कर दिया, जिससे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
किसानों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही उनके लिए आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बन रही है। किसानों के अनुसार, बड़दिया में नंदी गोशाला का निर्माण होने के बावजूद आवारा सांडों को वहां शिफ्ट नहीं किया जा रहा है और उन्हें जानबूझकर खुला छोड़ दिया गया है।
आवारा मवेशी दिन-रात खेतों में घुसकर मेहनत से तैयार की गई फसलों को चौपट कर रहे हैं। सड़कों पर सांडों की आपसी लड़ाई से राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। कस्बे में अब तक कई लोग इनकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। नगर पालिका परिसर में मवेशियों को बंद किए जाने के बाद काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। बाद में नगर पालिका के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मवेशियों को परिसर से बाहर निकाला। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मवेशियों को गोशाला में भेजने की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।