Jalandhar: माहला के प्राचीन गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी, श्री अकाल तख्त ने लिया सख्त संज्ञान; जांच के आदेश

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गुरुद्वारा परिसर में सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन घटना के समय कोई भी कैमरा कार्यरत नहीं था, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Desecration at Gurdwara Sahib in Mahla village devotees express strong outrage

जालंधर के माहला गांव के सबसे पुराने और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी की गंभीर घटना सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया है।

इस मामले में श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस घटना की सख्त शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब हमारे जगत ज्योति गुरु हैं और उनके मान-सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के भीतर हर समय पहरेदारी सुनिश्चित करना और गुरु घरों के प्रबंध को मजबूत व सुरक्षित बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता जताई कि कई स्थानों पर गुरुद्वारा साहिबानों के प्रबंधों में अब भी लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने सिख संगत से अपील की कि अपने-अपने गुरुद्वारा साहिबों में चौबीसों घंटे पहरा, कार्यरत सीसीटीवी कैमरे और बेहतर सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

गांव की रहने वाली जसप्रीत कौर ने बताया कि वह शाम करीब पांच बजे गुरुद्वारा साहिब गई थीं। उस समय गुरुद्वारा साहिब के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिसके चलते वे बाहर से ही माथा टेककर घर लौट गईं। इसके लगभग एक घंटे बाद, शाम करीब छह बजे, गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी की घटना को अंजाम दिए जाने की सूचना ग्रामीणों को फोन के माध्यम से मिली।

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में गांववासी गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। बताया गया कि गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंग फाड़कर फेंके गए थे, जिससे संगत की धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।

ग्रामीणों के अनुसार गुरुद्वारा परिसर में सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन घटना के समय कोई भी कैमरा कार्यरत नहीं था, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह गुरुद्वारा साहिब गांव का सबसे पुराना धार्मिक स्थल है, लेकिन यहां किसी स्थायी ग्रंथी सिंह की नियुक्ति नहीं है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। डीएसपी फिल्लौर और एसएचओ गोराया मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है और हर पहलू से मामले की पड़ताल की जा रही है।

गांव की सरपंच बलविंदर कौर ने घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

एडवोकेट धामी ने की बेअदबी की निंदा 

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने जालंधर के गांव महला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंगों को फाड़कर की गई गंभीर बेअदबी की कड़ी निंदा की है और इसे पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था और राज्य के प्रति उसकी जिम्मेदारी में नाकामी बताया है।

एडवोकेट धामी ने कहा कि पिछले कुछ साल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी बहुत चिंता की बात है। मौजूदा पंजाब सरकार इन्हें रोकने में नाकाम रही है और ज्यादातर घटनाओं में सामने आए दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर पाई है, जो सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि जालंधर के गांव माहला में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी सिख भावनाओं को सीधी चुनौती है। यह घटना भी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा लगती है, क्योंकि गुरुद्वारा साहिब में लगे कैमरे भी बंद थे।

उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि सरकार बेअदबी की घटनाओं पर कोई सीरियस नोटिस नहीं ले रही है और ऐसी घटनाओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एडवोकेट धामी ने मांग की कि इस घटना के दोषियों और इसके पीछे काम कर रही ताकतों को सामने लाया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने संगत की भावनाओं के मुताबिक कार्रवाई नहीं की तो संगत को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर शिरोमणि कमेटी ने सदस्य रणजीत सिंह काहलों के नेतृत्व में गुरुद्वारा श्री मऊ साहिब और धर्म प्रचार कमेटी के अधिकारियों को भेजा है, जिन्हें हर लेवल पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा माहौल में गुरुद्वारों में निगरानी पक्का करना गुरुद्वारा कमेटियों की बड़ी ज़िम्मेदारी है। सिक्योरिटी गार्ड हर समय तैनात रहने चाहिए और ज़रूरत के हिसाब से कैमरों का सही इंतज़ाम किया जाना चाहिए।

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Author: NIMRA SALEEM

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