Himachal News: हत्या मामले में 5 साल काटी जेल, अब कोर्ट से दोषमुक्त; साक्ष्यों के अभाव में नहीं साबित हुआ आरोप

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जिला सिरमौर में शराब विवाद से जुड़े हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर…

Himachal Sirmour Served 5 years in jail in a murder case now acquitted by the court

शराब विवाद से जुड़े हत्या के मामले में पांच साल तक जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले हरियाणा के यमुनानगर निवासी राजपाल उर्फ पहलवान को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह सिद्ध करने में असफल रहा कि आरोपी ने ही हत्या की। केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। शराब लाने से मना करने पर विवाद हुआ। आरोप था कि आरोपी ने पत्थरों से वार कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी।

यह मामला 18 जून 2020 को राजगढ़ थाना में पंजीकृत हुआ था। खैरी गांव में धनवीर सिंह के मकान के एक कमरे में भाग सिंह का शव संदिग्ध हालात में मिला था। मृतक के सिर पर गंभीर चोटें पाई गई थीं और कमरे में खून फैला हुआ था। पुलिस ने मौके से पत्थर, जूस और शराब की बोतलें, टूटी मेज के टुकड़े सहित अन्य वस्तुएं जब्त की थीं। आरोप था कि 17 जून 2020 को भाग सिंह और आरोपी राजपाल ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान शराब लाने को लेकर हुए विवाद के बाद राजपाल ने पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 व 201 के तहत हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक जांच के दौरान आरोपी ने बताया था कि भाग सिंह ने उसे बाजार से शराब की और आधी बोतल लाने के लिए कहा, लेकिन उसने इन्कार कर दिया। इस पर भाग सिंह उसे गाली देने लगा। इसी के चलते उसने पत्थरों से उस पर वार किया। इससे उसकी मौत हो गई। अभियोजन पक्ष ने 33 गवाह पेश किए, लेकिन अदालत ने पाया कि गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते। कई अहम गवाहों ने अदालत में अपने पहले के बयानों से मुकरते हुए अभियोजन की कहानी को कमजोर कर दिया। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी भी पूरी तरह से जुड़ नहीं पाई। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों का हवाला देते हुए राजपाल को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। चूंकि, राजपाल 13 अक्तूबर 2020 से न्यायिक हिरासत में है।

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Author: NIMRA SALEEM

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