
हाथरस जिले के गांव दरियापुर में सरकारी योजना के तहत बनाए गए आरआरसी (Resource Recovery Centre) की हालत बेहद चिंताजनक है। जिस केंद्र को गांव की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और ग्रामीणों को रोजगार देने के उद्देश्य से बनाया गया था, आज वही केंद्र भेड़-बकरियों का तबेला बना हुआ है। सरकारी पैसों से बने इस भवन के अंदर जानवर बांधे जा रहे हैं, चारों तरफ गोबर और गंदगी फैली हुई है, दरवाजे और फर्श टूटे हुए हैं और किसी भी तरह का सरकारी काम वहां होता नजर नहीं आता। न तो कोई कर्मचारी तैनात है और न ही कचरा प्रबंधन से जुड़ी कोई व्यवस्था दिखाई देती है। यह साफ तौर पर दिखाता है कि यह केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है और इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि आरआरसी केंद्र केवल कागजों में चल रहा है, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। केंद्र बनने के बाद कुछ दिन औपचारिकता निभाई गई, फोटो खिंचवाई गई और उसके बाद इसे यूं ही छोड़ दिया गया, जिस कारण अब लोग इसमें अपने जानवर बांधने लगे हैं। सवाल यह उठता है कि ग्राम पंचायत, पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया और क्या कभी इसकी सही तरीके से जांच की गई। अगर यह केंद्र सरकारी रिकॉर्ड में चालू दिखाया जा रहा है, तो यह सरकारी धन की बर्बादी और लापरवाही का गंभीर मामला है। गांव के लोग मांग कर रहे हैं कि या तो इस आरआरसी केंद्र को तुरंत चालू किया जाए या फिर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं के साथ ऐसा मजाक न हो।
रिपोर्ट — Planet News India | हाथरस
Author: planetnewsindia
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