Ajmer: अजमेर जिले में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि प्रपत्र क्रमांक-7 का दुरुपयोग कर योजनाबद्ध तरीके से कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।

अजमेर जिले में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान आपत्ति-दावा प्रपत्र क्रमांक-7 का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। बड़ी संख्या में फर्जी और निराधार आपत्तियां दाखिल कर पात्र मतदाताओं को अनुपस्थित या स्थानांतरित दर्शाया जा रहा है। धर्मेंद्र राठौड़ और राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है, बल्कि चुनाव से पहले मतदाता सूची को प्रभावित करने की सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है।
वार्ड 80 का उदाहरण दिया
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने वार्ड संख्या 80 के मतदान केंद्र संख्या 29 का उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस के बूथ स्तरीय अभिकर्ता (बीएलए-2) आरिफ खान के नाम पर फर्जी आपत्ति दर्ज कर उन्हें अनुपस्थित और स्थानांतरित दर्शा दिया गया, जबकि प्रारूप मतदाता सूची में उनका नाम क्रम संख्या 334 पर विधिवत दर्ज है। नेताओं का कहना है कि ऐसे मामले केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे जिले में हजारों वैध मतदाताओं के नाम इसी तरह हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
फर्जी हस्ताक्षरों के उपयोग का आरोप
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई मामलों में बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं के फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया है। बिना किसी शिकायत, बिना वैध प्रमाण और बिना मौके पर सत्यापन किए मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं, जो चुनाव आयोग की प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भाजपा पर षड्यंत्र रचने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा शीर्ष स्तर पर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया है। उनका दावा है कि मुख्य समन्वय तंत्र (सीएमआर) के माध्यम से एक पेन ड्राइव जारी की गई, जिसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से चार से पांच हजार कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम कटवाने से संबंधित विवरण शामिल हैं। इसी आधार पर 15 जनवरी को आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि से पहले बड़ी संख्या में आवेदन प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक आपत्ति और आवेदन की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराई जाए तथा किसी भी राजनीतिक दबाव या दुर्भावनापूर्ण शिकायत के आधार पर किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए। कांग्रेस नेताओं ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप कर निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।