ब्रज की विश्व प्रसिद्ध होली का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। बरसाना में वर्ष 2026 की ऐतिहासिक लड्डू और लठामार होली की तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 24 फरवरी को लड्डू होली खेली जाएगी, जबकि 25 फरवरी को परंपरागत लठामार होली का आयोजन होगा। इन आयोजनों में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

बरसाना की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण की दिव्य प्रेम परंपरा का जीवंत स्वरूप मानी जाती है। लड्डू होली के दिन श्रीजी मंदिर से गोस्वामी समाज द्वारा श्रद्धालुओं पर लड्डुओं की वर्षा की जाती है। मान्यता है कि इसी दिन नंदगांव से आए हुरियारों को बरसाना की गोपियां निमंत्रण देती हैं और अगले दिन लठामार होली खेली जाती है। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए हर साल भारी भीड़ उमड़ती है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस बार आयोजन को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के साथ संयुक्त योजना बनाई गई है। पूरे कस्बे में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल कैंप और पेयजल की विशेष व्यवस्था की जाएगी। बाहर से आने वाले भक्तों के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए जाएंगे ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।
स्थानीय लोगों में भी उत्सव को लेकर जबरदस्त उत्साह है। बरसाना और नंदगांव के बाजार अभी से सजने लगे हैं। दुकानदारों का कहना है कि होली के दिनों में लाखों लोगों के आने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। कलाकारों की टोलियां, ढोल-नगाड़े और ब्रज के लोकगीत पूरे माहौल को भक्तिमय बना देते हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय नियमों का पालन करें और परंपरागत गरिमा को बनाए रखें। खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। ब्रज की यह लठामार होली सदियों पुरानी प्रेम और आस्था की धरोहर है, जो हर साल पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति की रंगीन झलक दिखाती है।