महाराष्ट्र के एक गांव से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 103 वर्षीय महिला को परिजनों ने मृत समझ लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन श्मशान ले जाने से ठीक पहले महिला के शरीर में हलचल दिखी, जिसके बाद परिवार वालों के होश उड़ गए। आनन–फानन में बुजुर्ग महिला को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें जीवित घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में यह खबर चर्चा का विषय बन गई है।

जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। अचानक उनकी सांसें बेहद धीमी हो गईं और शरीर ठंडा पड़ गया, जिसके बाद परिवार ने समझ लिया कि उनका निधन हो गया है। रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। जब परिजन उन्हें नहलाने और कफन पहनाने लगे, तभी एक सदस्य ने देखा कि महिला की उंगलियों में हल्की हरकत हो रही है। यह देखकर तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला की धड़कन बेहद कमजोर थी, लेकिन वह जीवित थीं। डॉक्टरों के अनुसार कई बार अधिक उम्र और गंभीर कमजोरी के कारण शरीर निष्क्रिय जैसा लगने लगता है, जिसे लोग मौत समझ बैठते हैं। फिलहाल महिला का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद परिवार के लोग भावुक भी हैं और हैरान भी। गांव के बुजुर्ग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं डॉक्टर इसे मेडिकल कंडीशन बता रहे हैं। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किसी व्यक्ति को मृत घोषित करने से पहले चिकित्सकीय पुष्टि कितनी जरूरी है।