महाराष्ट्र: राज्य की महत्वाकांक्षी लाडकी बहिन योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस योजना की अगली किस्त महिलाओं के खातों में न भेजने की मांग कर दी है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लाडकी बहिन योजना को जल्दबाजी में लागू किया गया है और इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी है। पार्टी का आरोप है कि योजना का इस्तेमाल सरकार चुनावी फायदे के लिए कर रही है और इसके लिए सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
कांग्रेस का यह भी कहना है कि योजना के लिए स्पष्ट बजटीय प्रावधान नहीं किए गए हैं और बिना वित्तीय स्थिरता के किस्तें जारी करना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी आधार पर कांग्रेस ने मांग की है कि जब तक योजना की पूरी समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक अगली किस्त महिलाओं के खातों में न भेजी जाए।
वहीं, सत्ताधारी दल ने कांग्रेस की इस मांग को महिलाओं के हितों के खिलाफ बताया है। सरकार का कहना है कि लाडकी बहिन योजना गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए है और इसे किसी भी हाल में रोका नहीं जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना की अगली किस्त समय पर महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। एक ओर कांग्रेस योजना पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़कर पेश कर रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार कांग्रेस की मांग पर कोई विचार करेगी या फिर योजना की अगली किस्त तय समय पर महिलाओं के खातों में पहुंचेगी।