उत्तर भारत में बढ़ती ठंड का असर अब चंडीगढ़ में भी साफ नजर आने लगा है। तापमान के 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचते ही शहर में कड़ाके की सर्दी ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। सुबह और रात के समय हालात ऐसे हैं कि लोग घरों से निकलने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हैं।

सुबह-सुबह शहर की सड़कों पर कोहरे की हल्की परत और ठंडी हवाओं का असर साफ दिखाई देता है। सेक्टरों की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक लोग जैकेट, टोपी, मफलर और दस्तानों में लिपटे नजर आ रहे हैं। बस स्टॉप्स पर खड़े लोग ठंड से बचने के लिए लगातार हाथ मलते दिखाई देते हैं, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सर्दी किसी परीक्षा से कम नहीं है।
ग्राउंड पर मौजूद लोगों का कहना है कि इस बार ठंड अचानक बढ़ी है। सेक्टर-17 प्लाजा में काम करने वाले दुकानदार बताते हैं कि सुबह के समय ग्राहक कम आ रहे हैं। “लोग ठंड की वजह से घर से निकलने से बच रहे हैं, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ा है,” एक दुकानदार ने बताया।
सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों को हो रही है। निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगहों पर फुटपाथ पर रहने वाले लोग पुराने कपड़े और कंबल में लिपटे नजर आए, लेकिन तेज ठंडी हवाएं उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही हैं।
स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी सर्दी का असर साफ दिख रहा है। सुबह के समय अभिभावक बच्चों को पूरी तरह ढककर स्कूल छोड़ने पहुंच रहे हैं। कई माता-पिता का कहना है कि ठंड के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ने का डर बना रहता है।
डॉक्टरों की मानें तो इस तरह की सर्दी में सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। वे लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय पूरी सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दे रहे हैं।
शहर में बढ़ती सर्दी ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जरूरतमंदों के लिए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था को लेकर लोग और बेहतर इंतजाम की मांग कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, 5 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान चंडीगढ़वासियों के लिए किसी टॉर्चर से कम नहीं है। आने वाले दिनों में अगर ठंड और बढ़ी, तो हालात और भी मुश्किल हो सकते हैं।