संपत्ति के पुश्तैनी विवादों का होगा खात्मा: पंजाब के 319 गांवों के संपत्ति कार्ड तैयार, मालिकाना हक मिलेगा

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केंद्र ने राज्य के 23 जिलों के 12,787 गांवों में डिजिटल स्वामित्व मानचित्रण सर्वेक्षण का काम शुरू किया था जो अब पूरा होना वाला है। 43,922 संपत्ति कार्ड तैयार भी कर लिए गए हैं जो जल्द ही कैंप लगाकर लोगों को जारी किए जाएंगे।

Hereditary property disputes will be resolved Property cards prepared for 319 villages in Punjab

पंजाब के गांवों में पुश्तों से चले आ रहे संपत्ति विवादों का समाधान होने वाला है। केंद्र सरकार ने डिजिटल स्वामित्व मानचित्रण सर्वेक्षण का काम लगभग पूरा कर लिया है। अंतिम चरण में 319 गांवों का ड्रोन से सर्वेक्षण किया गया है। अब घर-घर जाकर सर्वेक्षण काम काम चल रहा है और संपत्ति का रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा है।

इसके बाद ही इन घरों के वास्तविक मालिकों को संपत्ति कार्ड जारी किए जाएंगे। मोहाली, जालंधर, गुरदासपुर, अमृतसर, लुधियाना, बठिंडा समेत सभी 23 जिलों के लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

केंद्र ने राज्य के 23 जिलों के 12,787 गांवों में डिजिटल स्वामित्व मानचित्रण सर्वेक्षण का काम शुरू किया था जो अब पूरा होना वाला है। 43,922 संपत्ति कार्ड तैयार भी कर लिए गए हैं जो जल्द ही कैंप लगाकर लोगों को जारी किए जाएंगे। गांवों में वर्षों से चले आ रहे विवादों को खत्म करने के लिए यह योजना शुरू की गई थी ताकि लोगों को स्वामित्व का अधिकार दिया जा सके।

पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार पंजाब में इस योजना का काम पूरा होने वाला है। दिसंबर 2025 तक 319 गांवों का सर्वे पूरा किया गया है। पिछले साल सरकार ने 108 गांवों में सर्वेक्षण के बाद संपत्ति कार्ड जारी कर दिए थे। इस दौरान 17,000 संपत्ति कार्ड जारी किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्डों का वितरण किया था। अब शेष संपत्तियों के लिए कार्ड जारी करने के लिए सर्वेक्षण किया गया है।

स्वामित्व योजना का लाभ

स्वामित्व योजना से गांवों में लोगों को संपत्ति का स्वामित्व तो मिल ही रहा है साथ ही यह कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त संपत्ति कार्ड भी प्रदान करता है। लोग संपत्ति पर ऋण ले सकते हैं। भूमि के डिजिटल व सटीक रिकॉर्ड बनते हैं। ग्राम पंचायतों को संपत्ति कर निर्धारण में मदद मिलती है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

योजना के तहत किया जा रहा जीआईएस सर्वेक्षण

योजना के तहत भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) सर्वेक्षण के बाद ये कार्ड जारी किए जा रहे हैं। सभी रिकॉर्ड अपडेट किए जा रहे हैं। जिन संपत्तियों के रिकॉर्ड अपडेट किए जा रहे हैं उनमें दोबारा विवाद नहीं होंगे। जीआईएस एक भू-विज्ञान सूचना प्रणाली है। यह संरचनात्मक डाटा बेस पर आधारित है। यह भौगोलिक सूचनाओं के आधार पर जानकारी प्रदान करती है। संरचनात्मक डाटाबेस तैयार करने के लिए वीडियो, भौगोलिक फोटोग्राफ और जानकारियों के आधार का कार्य किया जाता है। ड्रोन के जरिये नगर निगम क्षेत्र का सर्वे किया जाता है।

देश भर में 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार

अब तक पूरे देश में 1.82 लाख गांवों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है जिसके तहत 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड भी तैयार किए जा चुके हैं।

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Author: NIMRA SALEEM

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