
हनीट्रैप में फंसाकर सबगा गांव निवासी सुनील उर्फ सन्नी से अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सूचनाएं लेने वाली अनु उर्फ अनवी छह दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आई है। इस खेल में अनु नाम की महिला आरोपी सुनील से बात तो कई बार करती थी, लेकिन जब उसकी वीडियो कॉल की बारी आती थी तो अपना चेहरा स्पष्ट रूप से सामने नहीं आने देती थी ताकि उसकी पहचान न हो सके।
अंबाला सीआईए-2 व जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी उस महिला का स्कैच तैयार करना है। पूछताछ में आरोपी सुनील ने बताया कि महिला वीडियो कॉल करने से कतराती थी। दबाव डालता तो बहाने तैयार रहते थे। ज्यादातर समय वह अश्लील चैट करती थी। बातों में फंसाकर सुनील से सेना की अलग-अलग यूनिट की जानकारी लेती थी कि कहां कौन सी यूनिट है और एयरफोर्स स्टेशन कहां है और उसमें क्या-क्या है।
सीआईए-2 की टीमों ने खंगाले बैंक खाते
गोपनीय सूचनाएं देने के बदले फंडिंग की आशंका को लेकर भी जांच एजेंसियां गहनता से जांच कर ही हैं। सीआईए-2 की टीमों ने सबगा गांव के पंजाब सिंध बैंक में सुनील व उनके परिवार से जुड़े खातों को भी खंगाला। हालांकि अब तक पुलिस की तरफ से किसी भी तरह की फंडिंग की पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा सुनील के पैन व आधार कार्ड से जुड़ी तमाम जानकारी हासिल की जा रही है कि सुनील के नाम क्या-क्या संपत्ति है।
सीआईए-2 की टीम चार दिन के रिमांड के दौरान सुनील के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सुनील के अलावा इलाके के कुछ और लोग भी इस हनीट्रैप के जाल में फंसे हैं। उस लोकेशन व नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है, जहां से महिला यह ऑपरेट कर रही थी। आईबी से मिले इनपुट के बाद सीआईए-2 की टीम ने आरोपी को 2 जनवरी को काबू किया था। 3 जनवरी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया था।