
अंबाला। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य महानिदेशक एवं सोसायटियों के रजिस्ट्रार जनरल ने अग्रवाल सभा अंबाला छावनी के चुनाव मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।
मृतक और फर्जी नामों से भरी थी सूची : अधिवक्ता रोहित जैन ने बताया कि अपीलकर्ता उमेश गुप्ता ने विभाग के समक्ष दलील दी थी कि चुनाव के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में भारी अनियमितताएं हैं। शिकायत में बताया गया था कि सूची में 42 ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है, इसके अलावा एक ही पते पर कई-कई वोट दिखाए गए थे और कई प्रविष्टियां फर्जी पाई गईं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए थे।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल : रजिस्ट्रार जनरल ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जिला रजिस्ट्रार और स्टेट रजिस्ट्रार ने बिना किसी गहन जांच या सत्यापन के मैकेनिकल तरीके से सूची को मंजूरी दे दी। आदेश में स्पष्ट किया गया कि 1,460 सदस्यों वाली सभा की सूची को महज 5 सदस्यों वाली कमेटी ने बिना कोरम पूरा किए और बिना किसी सार्वजनिक सूचना के पास कर दिया था, जो नियमों के विरुद्ध है।