शुक्रवार सुबह मेरठ और आसपास के इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर छाई रही। ठंड का असर आम जनजीवन के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी दिखाई दिया। देखें तस्वीरें।

घने कोहरे और कड़ाके की शीतलहर ने मेरठ और आसपास के इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया हुआ है। ठंड का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीव भी इसकी चपेट में नजर आए। कहीं मां अपने बच्चे को सीने से लगाकर ठंड से बचाने की कोशिश करती दिखी, तो कहीं अलाव के सहारे लोग और बच्चे सर्दी से राहत पाने में जुटे रहे। सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। ठंड और कोहरे की इसी मार को बयां करती हैं ये तस्वीरें।

शुक्रवार सुबह कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन को बेहाल कर दिया। हस्तिनापुर के जम्मूद्वीप क्षेत्र में ठंड से बचने के लिए एक बंदरिया अपने बच्चे को सीने से चिपकाकर गर्माहट देने की कोशिश करती नजर आई।

कड़ाके की ठंड का असर वन्यजीवों पर भी साफ दिखा। घने कोहरे के बीच मां बंदरिया अपने बच्चे को सीने से लगाए ठिठुरती नजर आई।

मेरठ में शुक्रवार सुबह गलन बढ़ने पर मेजर ध्यानचंद्र नगर में एक पिता ने ठंड से बचने के लिए अलाव जलाया, जहां बच्चे भी आग तापते दिखाई दिए।

अलाव के सहारे ठंड से राहत पाने की कोशिश करते बच्चे। सुबह की ठिठुरन ने घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया।

बिजली बंबा बाईपास पर सुबह करीब 8 बजे घना कोहरा छाया रहा। वाहन चालकों ने लाइट जलाकर स्कूटी और अन्य वाहनों से सफर किया।


दिल्ली रोड पर गंतव्य स्थान जाने के लिए ऑटो का इंतजार करती युवती। ठंड से बचाव के लिए चेहरे पर स्टॉल बांधकर खड़ी नजर आई।