Maharashtra: क्या तेंदुए-बाघ के हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी देगी महाराष्ट्र सरकार? जानें सच

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Shikha Bhardwaj

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महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों में तेंदुए और बाघों के हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। राज्य के ग्रामीण इलाकों में इन हमलों ने लोगों में डर और दहशत पैदा कर दी है। कई मामलों में ग्रामीणों की जान चली गई, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल भी हुए।महाराष्‍ट्र के सीएम फडणवीस की बैठक में तेंदुए के हमलों को राज्य आपदा घोषित  करने का प्रस्ताव | Maharashtra CM Devendra Fadnavis proposes to declare  leopard attacks a state disaster

इस स्थिति को देखते हुए, महाराष्ट्र सरकार पीड़ित परिवारों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है। वन विभाग ने इस पर विचार शुरू किया है कि जिन परिवारों के सदस्य इन जंगली जानवरों के हमलों में मारे गए हैं, उन्हें वन विभाग में नौकरी दी जाए। यह कदम परिवारों को स्थायी आर्थिक मदद देने और उन्हें समाज में सम्मान दिलाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल मुआवजा देना नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों को समाज में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना भी है। योजना के तहत प्रशिक्षण, नियुक्ति प्रक्रिया और वैकेंसी की व्यवस्था पर काम चल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महाराष्ट्र सरकार की वन नीति और ग्रामीण सुरक्षा उपायों के लिए एक नया मिसाल कायम करेगा। इसके अलावा, इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

हालांकि, अभी तक सरकार ने इस पर अधिकारिक घोषणा नहीं की है और प्रक्रिया के नियम व शर्तों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

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Author: Shikha Bhardwaj