मुंबई के बोरीवली इलाके में चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। पैसे बांटने के आरोप को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है और मामला चुनावी आचार संहिता से जोड़कर देखा जा रहा है।

MNS की ओर से आरोप लगाया गया है कि बोरीवली में चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम पैसे बांटे जा रहे हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में सबूत हैं और उन्होंने चुनाव आयोग व प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। MNS का कहना है कि अगर निष्पक्ष चुनाव कराने हैं, तो इस तरह की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष झूठे आरोप लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने MNS पर राजनीतिक फायदा उठाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
इस विवाद के बाद चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। यदि जांच में आचार संहिता के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव से पहले बोरीवली में उठा यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस मुद्दे का असर चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।