सिंगरौली के घिराली कोल ब्लॉक में बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ कटाई का मामला अब AICC तक पहुंच गया है। पर्यावरणीय नुकसान और वन नियमों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश के दिग्गज नेताओं की एक तथ्य-अन्वेषण समिति गठित की है। समिति 11 दिसंबर को सिंगरौली जाकर स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करेगी और इसे पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी।

एमपी के सिंगरौली जिले के घिराली कोल ब्लॉक में तेजी से हो रही बड़े पैमाने की पेड़ कटाई ने अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक ध्यान खींच लिया है। पर्यावरणीय नुकसान और वन क्षेत्र पर मंडरा रहे खतरे को गंभीर मानते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष तथ्य-अन्वेषण समिति का गठन कर दिया है। यह समिति 11 दिसंबर को सिंगरौली पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर हालात का जायजा लेगी। समिति की जिम्मेदारी कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को सौंपी गई है। पार्टी का आरोप है कि घिराली कोल ब्लॉक में जंगलों की कटाई असामान्य और बेकाबू रफ्तार से की जा रही है, जिससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों पर भी संकट गहराता जा रहा है।
कांग्रेस का दावा है कि कोल ब्लॉक क्षेत्र में भारी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर पेड़ों को जड़ से उखाड़ा जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में वन संरक्षण कानून और पर्यावरणीय मानकों की गंभीर अनदेखी की गई है।
जांच के लिए गठित समिति में प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता शामिल हैं, जिनमें पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री अजय सिंह, कमलेश्वर पटेल, जयवर्धन सिंह, बाला बच्चन, हेमंत कटारे, राजेंद्र कुमार सिंह, मीनाक्षी नटराजन, हिना कावर, विक्रांत भूरिया और ओंकार मरकाम शामिल हैं।