महाराष्ट्र शीतकालीन सत्र में कामकाज पर घमासान! सरकार की तेजी पर सवाल, 75 हज़ार करोड़ की मांगें चर्चा में

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Shikha Bhardwaj

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Maharashtra के शीतकालीन सत्र का पहला हफ्ता राजनीतिक टकराव और तेज़ आरोप-प्रत्यारोप के नाम रहा। विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली और फैसलों की गति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के बजाय सत्र सिर्फ औपचारिकताओं में उलझकर रह गया है।article-image

सबसे बड़ी बहस 75 हज़ार करोड़ रुपये की मांगों को लेकर हुई, जिसके लिए विभागों ने अतिरिक्त बजट स्वीकृति की बात कही है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार बड़े वित्तीय प्रस्तावों को बिना विस्तृत चर्चा के मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रही है, जबकि जनता से जुड़े अहम मुद्दे—किसान राहत, बेरोज़गारी, बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य—अब भी अधर में लटके हैं।

सत्र के दौरान दोनों पक्षों में कई बार तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार इतनी जल्दी में क्यों है और किन प्रोजेक्ट्स के लिए इतनी बड़ी रकम को तत्काल मंज़ूरी चाहिए। वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए तेज़ी ज़रूरी है।

कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र की शुरुआत ही घमासान भरी रही और संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में बहस और भी गर्म हो सकती है।

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Author: Shikha Bhardwaj

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