
मुजफ्फरनगर। धीरे-धीरे ठंड की शिद्दत बढ़ती जा रही है। रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे जा रहा है। मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। सुबह और रात में ठंड का अहसास बढ़ गया है। जिससे लोगों की सर्दी-जुकाम, बुखार एवं सांस संबंधी दिक्कतों में इजाफा हो रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार इस समय तापमान में अचानक हो रहे बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। जिससे संक्रमण जल्दी फैलता है। महिलाओं और बच्चों पर भी इसका सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। कई लोग वायरल फीवर, गले में खराश, नाक बंद होने और बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.योगेन्द्र त्रिखा का कहना है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और रात में तेज ठंड हो रही है। उस दौरान घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें और दिन के समय धूप में अधिक देर तक रहने से बचें। खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। उन्होंने बताया कि कई लोग हलके बुखार या सर्दी को नजरअंदाज कर लेते हैं, जिससे उनकी हालत बिगड़ जाती है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और स्वयं दवा नहीं लेनी चाहिए।
दिन-रात के तापमान में अंतर से घटती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
डॉ.योगेन्द्र त्रिखा ने बताया कि मौजूदा मौसम में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर आ रहा है। शरीर को इस बदलाव के अनुकूल होने में समय लगता है। उचित सावधानी बरतने से इस मौसमी बीमारी से बचाव संभव है। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। छोटे बच्चों में यह समस्या अधिक है क्योंकि उनका शरीर मौसम के बदलाव के प्रति जल्दी प्रतिक्रिया देता है। उन्होंने सलाह दी कि सुबह और रात में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, ठंडे पेय पदार्थों से बचें और पौष्टिक घर का बना भोजन दें।