
नौगढ़ केवन क्षेत्र में लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं और खेती भी कर रहे हैं। लगातार अवैध कब्जों की वजह से जंगल सिकुड़ रहा है और पेड़ों की कटाई बढ़ गई है। वन विभाग के बार-बार हटाने के बाद भी कुछ लोग दोबारा कब्जा कर लेते हैं, जिससे वन संरक्षण को बड़ा खतरा बना हुआ है। बीते एक महीने से वन विभाग ने अवैध कब्जों पर कड़ा रुख अपनाया है। रेंजर अमित श्रीवास्तव के अनुसार जंगल किसी की निजी संपत्ति नहीं है। पेड़ काटकर खेती करना, झोपड़ी खड़ी करना या अस्थायी मकान बनाना पूरी तरह अवैध है। समझाने के बाद भी जो लोग नहीं मानते, उन्हें हर हाल में हटाया जाएगा।
वन और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों कार्रवाई होगी।
इसी क्रम में शुक्रवार को 20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और वनकर्मियों की टीम शुक्रवार को दोपहर एक बजे के करीब चोरमरवा बीट पर पहुंची। वनकर्मियों को बुलडोजर के साथ देखते ही अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग पहले ही अपने सामान निकालकर कर जंगल की ओर भागने लगे। वहीं वनकर्मियों ने माइक से अनाउंस कर लोगों को घरों से हटने को कहा। इससे पहले ही ज्यादातर लोग मिट्टी के घर और झोपड़ी छोड़कर चले गए। 15-20 लोग ही मौके पर बचे थे जो तमाशबीन होकर अपने-अपने घर गिरते देखते रहे।
वहीं 6 हेक्टेयर भूमि पर वहां रह रहे लोगों ने सरसो की फसल लगाई थी। सरसो की फसल करीब एक से दो फीट लंबी भी हो गई थी। जिसके जेसीबी से खोदकर हटाया गया और खेत को समतल कर दिया गया। करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पुलिस की भारी संख्या में मौजूदगी से कोई विरोध आदि नहीं हो सका।