आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी सेक्टर–7 में धर्मांतरण की सूचना पर रविवार को मचे हंगामे के बाद पुलिस ने जिन तीन पुरुषों और पांच महिलाओं को हिरासत में लिया था, उन्हें सोमवार तड़के जांच पूरी होने पर छोड़ दिया गया। हालांकि सभी को शपथपत्र भरवाकर आगरा नहीं छोड़ने और पुलिस बुलाए तो तुरंत उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में नहीं मिले धर्मांतरण के सबूत
एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह के अनुसार, आरोप की सत्यता पर देर रात तक जांच की गई लेकिन अब तक धर्मांतरण का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।
मुख्य रूप से किरायेदार दंपती से पूछताछ की गई। उनके:
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बैंक खाते
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सोशल मीडिया अकाउंट
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व्हाट्सएप चैट
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जप्त धार्मिक साहित्य
सबकी जांच की गई, लेकिन किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई।
बजरंग दल और विहिप के हंगामे के बाद कार्रवाई
रविवार को बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने दंपती पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। सूचना पर पहुंची पुलिस सभी आठ लोगों को थाने ले आई थी। रातभर चली पूछताछ में पुलिस ने सभी से बयान लिए और घटनास्थल से ली गई सामग्रियों की जांच की।
प्राथमिक जांच में आरोप प्रमाणित न होने पर सोमवार तड़के सभी को रिहा कर दिया गया। फिलहाल पुलिस आगे की जांच में डिजिटल फुटप्रिंट, आर्थिक गतिविधियों और संपर्कों को खंगाल रही है, ताकि किसी भी संभावित पहलू को छोड़ा न जाए।