लखनऊ में बीएससी की छात्रा प्रियांशी रावत (19) की घर में घुसकर हत्या करने के आरोपी प्रेमी आलोक रावत ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि प्रियांशी ने उसका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था। इससे वह नाराज था।
उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में बीएससी की छात्रा प्रियांशी रावत की हत्या को अंजाम देने वाले प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से हत्याकांड को अंजाम देने का कारण चौंकाने वाला बताया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
मोहनलालगंज के धर्मावतखेड़ा में शादी से इनकार करने पर बीएससी की छात्रा प्रियांशी रावत (19) की घर में घुसकर हत्या करने के आरोपी प्रेमी आलोक रावत ने बताया कि प्रियांशी ने उसका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था। इससे वह नाराज था।

एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक शुरू में प्रियांशी और आलोक के बीच फोन पर काफी बातचीत होती थी। यह सिलसिला काफी समय तक चला था। आरोपी प्रियांशी के घर भी आने लगा था। इस बीच प्रियांशी का दाखिला शहर में हो गया। वह मोहनलालगंज से कॉलेज आने-जाने लगी थी।

प्रियांशी ने आलोक का किया नंबर ब्लॉक
छानबीन में सामने आया है कि शक की वजह से आलोक पीछा भी करता था, जो प्रियांशी को नागवार गुजरा। छात्रा ने समझाया भी, लेकिन उसकी हरकतें बढ़ती गईं। इससे नाराज होकर प्रियांशी ने आलोक का नंबर ब्लॉक कर दिया।
छानबीन में सामने आया है कि शक की वजह से आलोक पीछा भी करता था, जो प्रियांशी को नागवार गुजरा। छात्रा ने समझाया भी, लेकिन उसकी हरकतें बढ़ती गईं। इससे नाराज होकर प्रियांशी ने आलोक का नंबर ब्लॉक कर दिया।

इसके बाद वह अलग-अलग नंबरों से उसे फोन करने लगा। पूछताछ में आलोक ने बताया कि उसे शक था कि प्रियांशी किसी और से फोन पर बात करती है। वह यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। साजिश के तहत हत्या के इरादे से आलोक प्रियांशी के घर में घुसा।

मोहनलालगंज के धर्मावतखेड़ा गांव में छात्रा की हत्या के बाद मौके पर गुस्साए लोगों को समझाती पुलिस – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसने करीब 200 मीटर दूर बुलेट खड़ी कर दी थी। उसे पता था कि बुलेट की आवाज सुनकर प्रियांशी दरवाजा बंद कर लेगी। आरोपी ने बताया कि उसने प्रियांशी को बहुत समझाने की कोशिश ही। उसका फोन नंबर ब्लॉक लिस्ट से हटाने के लिए कहा, लेकिन प्रियांशी नहीं मानी।

इससे उसे गुस्सा आ गया और उसने थर्माकोल कटर से प्रियांशी के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। एसीपी का कहना है कि पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने थर्माकोल कटर कहां से खरीदा था? आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल थर्माकोल कटर और बाइक बरामद कर ली है।

डॉक्टरों के पैनल से किया गया पोस्टमार्टम
प्रियांशी के शव का सोमवार को डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई गई। डॉक्टरों ने स्लाइड भी बनाई है। उधर, हत्या के बाद से प्रियांशी के घर के बाहर सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी खून से सने कपड़े में घर से निकला था। उसके हाथ में कटर था, जिसे देखकर किसी ने उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटाई।
प्रियांशी के शव का सोमवार को डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई गई। डॉक्टरों ने स्लाइड भी बनाई है। उधर, हत्या के बाद से प्रियांशी के घर के बाहर सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी खून से सने कपड़े में घर से निकला था। उसके हाथ में कटर था, जिसे देखकर किसी ने उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटाई।

यह था पूरा मामला
राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज के धर्मावतखेड़ा गांव में रविवार दोपहर प्रेमी ने घर में घुसकर थर्माकोल काटने वाले कटर से बीएससी की छात्रा की गला रेतकर हत्या कर दी। धर्मावतखेड़ा गांव निवासी पूनम रावत एक निजी अस्पताल में काम करती हैं। रविवार दोपहर पूनम काम पर गई थीं। उनकी बड़ी बेटी प्रियांशी (19) और छोटी बेटी महक घर पर थीं। दोपहर लगभग 12.30 बजे बीबीडी लोनापुर निवासी आलोक रावत उनके घर पहुंचा।
राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज के धर्मावतखेड़ा गांव में रविवार दोपहर प्रेमी ने घर में घुसकर थर्माकोल काटने वाले कटर से बीएससी की छात्रा की गला रेतकर हत्या कर दी। धर्मावतखेड़ा गांव निवासी पूनम रावत एक निजी अस्पताल में काम करती हैं। रविवार दोपहर पूनम काम पर गई थीं। उनकी बड़ी बेटी प्रियांशी (19) और छोटी बेटी महक घर पर थीं। दोपहर लगभग 12.30 बजे बीबीडी लोनापुर निवासी आलोक रावत उनके घर पहुंचा।

घर के भूतल पर मौजूद महक से प्रियांशी के बारे में पूछकर पहली मंजिल पर पहुंचा। यहां किचन में मौजूद प्रियांशी से किसी बात पर उसकी बहस हो गई। इस बीच आरोपी ने कटर निकाल कर प्रियांशी की गर्दन पर ताबड़तोड़ कई वार कर गला रेत दिया। गर्दन की नस कटने से खून से लथपथ प्रियांशी गला पकड़े चीखती हुई सीढ़ियों से नीचे उतरकर बरामदे तक पहुंची और दम तोड़ दिया। इस बीच आलोक बुलेट से भाग निकला।

शादी से पहले ही करने लगा था मारपीट
प्रियांशी की मां पूनम के मुताबिक, दो वर्ष पहले एक रिश्तेदार के तिलक में बेटी प्रियांशी (19) की मुलाकात आलोक रावत से हुई थी। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। कुछ दिन बाद आलोक ने शादी का प्रस्ताव रखा तो सभी लोग तैयार हो गए। बहन महक के मुताबिक, आलोक का घर आना जाना शुरू हो गया। लेकिन आलोक ने कई बार शराब के नशे में प्रियांशी के साथ मारपीट की। इस पर प्रियांशी ने शादी से इन्कार कर दिया। इससे आलोक नाराज था और प्रियांशी पर शादी का दबाव बना रहा था।
प्रियांशी की मां पूनम के मुताबिक, दो वर्ष पहले एक रिश्तेदार के तिलक में बेटी प्रियांशी (19) की मुलाकात आलोक रावत से हुई थी। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। कुछ दिन बाद आलोक ने शादी का प्रस्ताव रखा तो सभी लोग तैयार हो गए। बहन महक के मुताबिक, आलोक का घर आना जाना शुरू हो गया। लेकिन आलोक ने कई बार शराब के नशे में प्रियांशी के साथ मारपीट की। इस पर प्रियांशी ने शादी से इन्कार कर दिया। इससे आलोक नाराज था और प्रियांशी पर शादी का दबाव बना रहा था।
बेटी को अफसर बनाना चाहती थी मां….
प्रियांशी के पिता रमेश कुमार की तीन वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। मां पूनम ने नौकरी कर बेटियों का कॉलेज में दाखिला कराया। हत्या की खबर पाकर पूनम रोते-बिलखते घर पहुंचीं। खून से लथपथ बेटी के शव को गले से लगाकर रोने लगीं। पूनम ने बताया कि वह प्रियांशी को अफसर बनाना चाहती थीं। उम्मीद थी कि प्रियांशी पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका सहारा बनेगी, पर आलोक ने उनकी पूरी दुनिया ही उजाड़ दी।
प्रियांशी के पिता रमेश कुमार की तीन वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। मां पूनम ने नौकरी कर बेटियों का कॉलेज में दाखिला कराया। हत्या की खबर पाकर पूनम रोते-बिलखते घर पहुंचीं। खून से लथपथ बेटी के शव को गले से लगाकर रोने लगीं। पूनम ने बताया कि वह प्रियांशी को अफसर बनाना चाहती थीं। उम्मीद थी कि प्रियांशी पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका सहारा बनेगी, पर आलोक ने उनकी पूरी दुनिया ही उजाड़ दी।

जिसने भी देखा मंजर, सहम गया
वारदात के बाद घर की पहली मंजिल पर बने किचन से लेकर नीचे बरामदे तक बिखरा खून ही खून देख हर कोई सहम गया। गांव में इस बात की चर्चा भी है कि स्थानीय लोगों को आलोक का प्रियांशी के घर आना-जाना पसंद नहीं था। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था।
वारदात के बाद घर की पहली मंजिल पर बने किचन से लेकर नीचे बरामदे तक बिखरा खून ही खून देख हर कोई सहम गया। गांव में इस बात की चर्चा भी है कि स्थानीय लोगों को आलोक का प्रियांशी के घर आना-जाना पसंद नहीं था। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था।
खून से सना कटर मिला
एसीपी मोहनलालगंज विकास पांडेय ने बताया कि छानबीन के दौरान मौके से खून से सना हुआ कटर मिला है। उसे जांच के लिए फॉरेंसिक टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी आलोक रावत को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।