लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक युवक ने घर में घुसकर प्रेमिका की नृशंस हत्या कर दी। शादी से इनकार करने पर आरोपी प्रेमी नाराज था। आरोपी ने धारदार हथियार से युवती का गला रेत दिया। पुलिस ने आरोपी प्रेमी को हिरासत में ले लिया है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोहनलालगंज के धर्मावतखेड़ा गांव में रविवार दोपहर प्रेमी ने घर में घुसकर थर्माकोल काटने वाले कटर से बीएससी की छात्रा की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने हत्या के पीछे दोनों के बीच चल रहे मनमुटाव को वजह बताया है।
धर्मावतखेड़ा गांव निवासी पूनम रावत एक निजी अस्पताल में काम करती हैं। रविवार दोपहर पूनम काम पर गई थीं। उनकी बड़ी बेटी प्रियांशी (19) और छोटी बेटी महक घर पर थीं। दोपहर लगभग 12.30 बजे बीबीडी लोनापुर निवासी आलोक रावत उनके घर पहुंचा।

घर के भूतल पर मौजूद महक से प्रियांशी के बारे में पूछकर पहली मंजिल पर पहुंचा। यहां किचन में मौजूद प्रियांशी से किसी बात पर उसकी बहस हो गई। इस बीच आरोपी ने कटर निकाल कर प्रियांशी की गर्दन पर ताबड़तोड़ कई वार कर गला रेत दिया।

गर्दन की नस कटने से खून से लथपथ प्रियांशी गला पकड़े चीखती हुई सीढ़ियों से नीचे उतरकर बरामदे तक पहुंची और दम तोड़ दिया। इस बीच आलोक बुलेट से भाग निकला।

शादी से पहले ही करने लगा था मारपीट
प्रियांशी की मां पूनम के मुताबिक, दो वर्ष पहले एक रिश्तेदार के तिलक में बेटी प्रियांशी (19) की मुलाकात आलोक रावत से हुई थी। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। कुछ दिन बाद आलोक ने शादी का प्रस्ताव रखा तो सभी लोग तैयार हो गए।
प्रियांशी की मां पूनम के मुताबिक, दो वर्ष पहले एक रिश्तेदार के तिलक में बेटी प्रियांशी (19) की मुलाकात आलोक रावत से हुई थी। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। कुछ दिन बाद आलोक ने शादी का प्रस्ताव रखा तो सभी लोग तैयार हो गए।

बहन महक के मुताबिक, आलोक का घर आना जाना शुरू हो गया। लेकिन आलोक ने कई बार शराब के नशे में प्रियांशी के साथ मारपीट की। इस पर प्रियांशी ने शादी से इन्कार कर दिया। इससे आलोक नाराज था और प्रियांशी पर शादी का दबाव बना रहा था।

बेटी को अफसर बनाना चाहती थी मां….
प्रियांशी के पिता रमेश कुमार की तीन वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। मां पूनम ने नौकरी कर बेटियों का कॉलेज में दाखिला कराया। हत्या की खबर पाकर पूनम रोते-बिलखते घर पहुंचीं। खून से लथपथ बेटी के शव को गले से लगाकर रोने लगीं।
प्रियांशी के पिता रमेश कुमार की तीन वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। मां पूनम ने नौकरी कर बेटियों का कॉलेज में दाखिला कराया। हत्या की खबर पाकर पूनम रोते-बिलखते घर पहुंचीं। खून से लथपथ बेटी के शव को गले से लगाकर रोने लगीं।

पूनम ने बताया कि वह प्रियांशी को अफसर बनाना चाहती थीं। उम्मीद थी कि प्रियांशी पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका सहारा बनेगी, पर आलोक ने उनकी पूरी दुनिया ही उजाड़ दी।

जिसने भी देखा मंजर, सहम गया
वारदात के बाद घर की पहली मंजिल पर बने किचन से लेकर नीचे बरामदे तक बिखरा खून ही खून देख हर कोई सहम गया। गांव में इस बात की चर्चा भी है कि स्थानीय लोगों को आलोक का प्रियांशी के घर आना-जाना पसंद नहीं था। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था।
वारदात के बाद घर की पहली मंजिल पर बने किचन से लेकर नीचे बरामदे तक बिखरा खून ही खून देख हर कोई सहम गया। गांव में इस बात की चर्चा भी है कि स्थानीय लोगों को आलोक का प्रियांशी के घर आना-जाना पसंद नहीं था। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था।

खून से सना कटर मिला
एसीपी मोहनलालगंज विकास पांडेय ने बताया कि छानबीन के दौरान मौके से खून से सना हुआ कटर मिला है। उसे जांच के लिए फॉरेंसिक टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी आलोक रावत को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।
एसीपी मोहनलालगंज विकास पांडेय ने बताया कि छानबीन के दौरान मौके से खून से सना हुआ कटर मिला है। उसे जांच के लिए फॉरेंसिक टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी आलोक रावत को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।