मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे पत्र में सीएम ममता बनर्जी ने लिखा कि ‘लगातार बिना योजना के और जबरदस्ती की कार्रवाई से और जानें खतरे में पड़ सकती हैं और इस काम की सच्चाई भी खतरे में पड़ सकती है।’

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परिजनों का आरोप- एसआईआर के काम के दबाव में की आत्महत्या
बीएलओ की पहचान रिंकू तरफदार के तौर पर हुई है, जिसका शव छपरा के बंगालझी इलाके में कृष्णानगर में अपने घर के कमरे में छत से लटका हुआ मिला। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘परिवार का कहना है कि वह अपने एसआईआर के काम की वजह से बहुत ज़्यादा दबाव में थी। हमें उसके कमरे से एक नोट मिला है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। जरूरी जांच चल रही है।’
सीएम ममता बनर्जी ने एसआईआर रोकने की मांग की
वहीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से बंगाल में चल रहे एसआईआर को रोकने की अपील की है। गुरुवार को, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे पत्र में लिखा कि ‘लगातार बिना योजना के और जबरदस्ती की कार्रवाई से और जानें खतरे में पड़ सकती हैं और इस काम की सच्चाई भी खतरे में पड़ सकती है। इससे पहले बुधवार को, जलपाईगुड़ी जिले में एक बूथ-लेवल अफसर की भी लाश फंदे से लटकी मिली, उसके परिवार ने भी दावा किया कि उसकी मौत के लिए एसआईआर को लेकर बहुत ज्यादा काम का दबाव जिम्मेदार था।
‘BLO पर दबाव नहीं, एसआईआर को समय पर पूरा करने पर ध्यान दें’
बीएलओ पर काम के भारी दबाव के दावों को खारिज करते हुए केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने शनिवार को कहा कि बीएलओ को मतदाता सूची की एसआईआर करने के लिए हर मुमकिन मदद दी जा रही है, और उन पर दबाव डालने का कोई इरादा नहीं है। रिपोर्टर्स से बात करते हुए, केलकर ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर्स को दिए गए टारगेट का मकसद दबाव बनाना नहीं है, बल्कि यह पक्का करना है कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का काम तय समय में पूरा हो जाए।