West Bengal SIR: ममता बनर्जी का ECI को पत्र, लगाया कुप्रबंधन का आरोप, कहा- ‘अराजक और खतरनाक है एसआईआर’|

Picture of ILMA NEWSINDIA

ILMA NEWSINDIA

SHARE:

ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में 48 वर्षीय बीएलओ शांति मुनि इक्का की आत्महत्या को असहनीय दबाव का नतीजा बताया। उन्होंने बुधवारा को दावा किया कि एसआईआर की वजह से राज्य में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।

Mamata Banerjee letter to ECI on West Bengal SIR citing 28 deaths says SIR chaotic and dangerous

विस्तार

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जारी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि वर्तमान एसआईआर न केवल बिना योजना का, अराजक, बल्कि खतरनाक भी है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि एसआईआर के ‘कुप्रबंधन’ की मानवीय कीमत अब असहनीय है। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर को रोकने की मांग पर जोर देते हुए हाल ही में एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की आत्महत्या के मामले को उठाया।

ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया में कथित कुप्रबंधन को लेकर चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि मुझे तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की उम्मीद है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बुनियादी तैयारियों, पर्याप्त योजना और स्पष्ट संचार के अभाव ने बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को पंगु बना दिया है।

पश्चिम बंगाल की सीएम ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के सीईओ धमकी दे रहे हैं और एसआईआर में लगे बीएलओ को अनुचित कारण बताओ नोटिस जारी कर रहे हैं। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रशिक्षण में गंभीर कमी और प्रक्रिया के लिए आवश्यक अनिवार्य दस्तावेजों के संबंध में स्पष्टता की कमी के कारण यह प्रक्रिया संरचनात्मक रूप से अस्थिर है।

ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में 48 वर्षीय बीएलओ शांति मुनि इक्का की आत्महत्या को असहनीय दबाव का नतीजा बताया। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की वजह से राज्य में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शांति मुनि अपने घर के सामने दो पेड़ों के बीच एक बांस पर फांसी के फंदे से झूलती मिली थीं। शांति के पति ने दावा किया है कि एसआईआर प्रक्रिया की वजह से वह काफी मानसिक तनाव में था। उन्होंने कहा कि एसआईआर के फॉर्म बंगाली भाषा में थे, जिसे वह पढ़ नहीं सकती थी।

ILMA NEWSINDIA
Author: ILMA NEWSINDIA