बाराबंकी के मिर्जापुर निवासी अमित कुमार की पत्नी रुचि वर्मा अपनी चार बेटियों के साथ मायके जा रही थी। कुछ दिन पहले उन्होंने भैया दूज पर की पूजा करके प्रसाद सुरक्षित रख लिया था।
विस्तार
बाराबंकी में हृदय विदारक घटना हुई है। रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर कोटवासड़क के पास मां और तीन बहनों के सामने तेज रफ्तार बस एक मासूम बच्ची को कुचलते हुए निकल गई। हादसे में आठ वर्षीय आस्था की मौके पर ही मौत हो गई।
चार बेटियों के साथ मायके जा रही थी
पुलिस के अनुसार, असंद्रा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी अमित कुमार की पत्नी रुचि वर्मा अपनी चार बेटियों के साथ मायके जा रही थी। कुछ दिन पहले उन्होंने भैया दूज पर की पूजा करके प्रसाद सुरक्षित रख लिया था, जिसे शुक्रवार को अपने भाई को देने के लिए वह घर से निकली थीं।
जब वह बच्चियों को लेकर कोटवा सड़क के पास उतरीं और सड़क पार करने लगीं, तभी बाराबंकी से अयोध्या की ओर जा रही तेज रफ्तार बस ने उनकी आठ वर्षीय बेटी आस्था को कुचल दिया।
बच्ची के कमर का हिस्सा क्षतिग्रस्त
हादसा इतना भयावह था कि बच्ची के कमर का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मौके पर अफरातफरी मच गई। राहगीरों ने मां और बहनों को संभाला, जबकि बस चालक गया। रामसनेहीघाट कोतवाली प्रभारी अंकित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
बस और चालक की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोटवा सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।