बरेली बवाल: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौलाना तौकीर की हुई पेशी, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

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फतेहगढ़ जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा की वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिग के जरिए मंगलवार को बरेली कोर्ट में पेशी हुई। पुलिस ने तौकीर रजा को बरेली बवाल का मुख्य आरोपी बताया है। कोर्ट ने उसकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है।

Maulana Tauqeer Raza appeared in Bareilly court through video conferencing

बवाल के मामले में आरोपी मौलाना तौकीर रजा की मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीजेएम अलका पांडेय की कोर्ट में पेशी हुई। तौकीर रजा फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ जेल में बंद है। वहीं से वह वर्चुअल माध्यम से जुड़ा। बरेली पुलिस ने उसे बवाल का मुख्य आरोपी बताया है। कोर्ट ने मौलाना तौकीर की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। अब 28 अक्तूबर को अगली सुनवाई पर कोर्ट ने पेशी के आदेश दिए हैं।

कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि बवाल से संबंधित सभी मुकदमों में रिमांड मंजूर कर ली गई है। कोतवाली में दर्ज मुकदमे में मौलाना तौकीर को बवाल का मुख्य आरोपी बताया गया है। अन्य 10 मुकदमों में साजिश रचने का आरोपी है। उधर, सीजेएम कोर्ट में तौकीर के करीबी नदीम, डॉ नफीस, नफीस का बेटा और अनीस सकलैनी को पेश किया गया। 

26 सितंबर को क्या हुआ था? 
बरेली में 26 सितंबर (शुक्रवार) को आई लव मोहम्मद के समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर भीड़ जुटी थी। मौलाना के नदारद रहने से भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस का दावा है कि भीड़ ने दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। आंसू गैस के गोले दागे गए थे। पुलिस के मुताबिक बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

बवाल के दिन ही शहर के अलग-अलग थानों में पुलिस ने 10 मुकदमे दर्ज किए थे। बाद में एक और मुकदमा लिखा गया। कोतवाली में दर्ज मुकदमे में मौलाना तौकीर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। अन्य मुकदमों में साजिशकर्ता के तौर पर नाम है। बवाल के अगले दिन 27 सितंबर को पुलिस ने तौकीर रजा को गिरफ्तार किया था। सुरक्षा की दृष्टि से मौलाना तौकीर रजा को फतेहगढ़ जेल में रखा गया है। अब तक सौ से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें मौलाना के कई करीबी भी शामिल हैं।

नफीस का बरातघर ध्वस्त, कई अवैध संपत्तियां सील 
मौलाना तौकीर की गिरफ्तारी के बाद बीडीए और नगर निगम ने आरोपियों और उनके मददगारों पर कार्रवाई की। बीडीए ने आरोपी नफीस के बरातघर को अवैध बताकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। मौलाना के करीबी सपा पार्षद के अवैध चार्जिंग स्टेशन पर नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। विद्युत निगम ने बिजली चोरी के आरोप में आठ मुकदमे दर्ज किए थे। इसके अलावा तौकीर रजा के करीबी के दो बरातघर, एक होटल और शरण देने वाले फरहत का मकान सील किया गया है। बीडीए ने कई अन्य अवैध संपत्तियों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की है।

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Author: planetnewsindia

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