कैफ ने कहा कि शुभमन गिल ने खुद कप्तानी नहीं मांगी, बल्कि चयनकर्ताओं, खासकर अजित अगरकर के दबाव में यह जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, ‘मेरी बात यह है कि खिलाड़ी को ज्यादा बोझ मत दो।’

विस्तार
टीम इंडिया के पूर्व स्टार खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने एक बड़ा खुलासा किया है। उनका दावा है कि शुभमन गिल खुद वनडे टीम की कप्तानी नहीं चाहते थे, लेकिन बीसीसीआई और चयनकर्ताओं ने उन पर दबाव बनाकर यह जिम्मेदारी थमा दी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गिल ने रोहित शर्मा की जगह भारत की वनडे टीम की कमान संभाली है और इस फैसले ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है।
‘यह फैसला वर्ल्ड कप के बाद होना चाहिए था’
कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘यह सब तय था, लेकिन मुझे लगा कि यह फैसला 2027 वर्ल्ड कप के बाद होगा। शुभमन में क्वालिटी है, उन्होंने फिटनेस पर काफी काम किया है। वे वर्ल्ड कप 2027 खेलने की वास्तविक संभावना रखते हैं। लेकिन उन पर बहुत जल्दी बहुत कुछ डाल दिया गया है। ऐसा जल्दी-जल्दी सब मिलना नुकसानदायक भी हो सकता है।’ कैफ के मुताबिक, गिल पर अचानक कप्तानी का बोझ डालना एक जोखिम भरा कदम हो सकता है क्योंकि इससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास दोनों पर असर पड़ सकता है।
कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘यह सब तय था, लेकिन मुझे लगा कि यह फैसला 2027 वर्ल्ड कप के बाद होगा। शुभमन में क्वालिटी है, उन्होंने फिटनेस पर काफी काम किया है। वे वर्ल्ड कप 2027 खेलने की वास्तविक संभावना रखते हैं। लेकिन उन पर बहुत जल्दी बहुत कुछ डाल दिया गया है। ऐसा जल्दी-जल्दी सब मिलना नुकसानदायक भी हो सकता है।’ कैफ के मुताबिक, गिल पर अचानक कप्तानी का बोझ डालना एक जोखिम भरा कदम हो सकता है क्योंकि इससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास दोनों पर असर पड़ सकता है।
‘खिलाड़ी कप्तानी नहीं मांगता, दबाव बनाया जाता है’
कैफ ने कहा कि शुभमन गिल ने खुद कप्तानी नहीं मांगी, बल्कि चयनकर्ताओं, खासकर अजित अगरकर के दबाव में यह जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, ‘मेरी बात यह है कि खिलाड़ी को ज्यादा बोझ मत दो। गिल टेस्ट में कप्तानी कर रहे हैं, नंबर चार पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। एशिया कप में उन्हें उपकप्तान बनाया गया था, अब वनडे में कप्तान बना दिया। सबकुछ बहुत जल्दी किया जा रहा है। खिलाड़ी कभी कप्तानी की मांग नहीं करता। सबको पता है कि उसने खुद यह नहीं चाही थी। लेकिन चयनकर्ता, जिनमें अजित अगरकर भी हैं, उन्होंने दबाव बनाया।’ इस बयान से कैफ ने चयन समिति के निर्णयों पर सीधा सवाल उठा दिया है।
कैफ ने कहा कि शुभमन गिल ने खुद कप्तानी नहीं मांगी, बल्कि चयनकर्ताओं, खासकर अजित अगरकर के दबाव में यह जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, ‘मेरी बात यह है कि खिलाड़ी को ज्यादा बोझ मत दो। गिल टेस्ट में कप्तानी कर रहे हैं, नंबर चार पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। एशिया कप में उन्हें उपकप्तान बनाया गया था, अब वनडे में कप्तान बना दिया। सबकुछ बहुत जल्दी किया जा रहा है। खिलाड़ी कभी कप्तानी की मांग नहीं करता। सबको पता है कि उसने खुद यह नहीं चाही थी। लेकिन चयनकर्ता, जिनमें अजित अगरकर भी हैं, उन्होंने दबाव बनाया।’ इस बयान से कैफ ने चयन समिति के निर्णयों पर सीधा सवाल उठा दिया है।
बीसीसीआई का तर्क-2027 वर्ल्ड कप की तैयारी
बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने कहा था कि टीम प्रबंधन चाहता है कि गिल को लंबी अवधि तक कप्तान के रूप में तैयार किया जाए, ताकि वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले पूरी तरह सेट हो सकें। हालांकि, इस फैसले से रोहित शर्मा को पूरी तरह कप्तानी भूमिका से अलग कर दिया गया है, जबकि वे ऑस्ट्रेलिया सीरीज की टीम में शामिल जरूर हैं।
बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने कहा था कि टीम प्रबंधन चाहता है कि गिल को लंबी अवधि तक कप्तान के रूप में तैयार किया जाए, ताकि वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले पूरी तरह सेट हो सकें। हालांकि, इस फैसले से रोहित शर्मा को पूरी तरह कप्तानी भूमिका से अलग कर दिया गया है, जबकि वे ऑस्ट्रेलिया सीरीज की टीम में शामिल जरूर हैं।
तीन फॉर्मेट में जिम्मेदारी, बढ़ता दबाव
वर्तमान में शुभमन गिल भारत के टेस्ट और वनडे दोनों टीमों के कप्तान हैं और टी20 टीम के उपकप्तान भी हैं। कैफ का मानना है कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी एक युवा खिलाड़ी पर डालना जल्दबाजी है। उन्होंने कहा, ‘जब किसी खिलाड़ी पर तीनों फॉर्मेट में इतनी जिम्मेदारी डाल दी जाती है, तो थकान और मानसिक दबाव बढ़ता है। इससे उसका नैचुरल गेम प्रभावित हो सकता है।’
वर्तमान में शुभमन गिल भारत के टेस्ट और वनडे दोनों टीमों के कप्तान हैं और टी20 टीम के उपकप्तान भी हैं। कैफ का मानना है कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी एक युवा खिलाड़ी पर डालना जल्दबाजी है। उन्होंने कहा, ‘जब किसी खिलाड़ी पर तीनों फॉर्मेट में इतनी जिम्मेदारी डाल दी जाती है, तो थकान और मानसिक दबाव बढ़ता है। इससे उसका नैचुरल गेम प्रभावित हो सकता है।’
नई चुनौती को किस प्रकार संभालेंगे गिल?
रोहित शर्मा, जिन्होंने भारत को कई यादगार जीतें दिलाईं, अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर शामिल हैं। ऐसे में गिल पर अब न केवल कप्तानी का दबाव है, बल्कि रोहित की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती भी। गिल भारतीय क्रिकेट के भविष्य माने जाते हैं, लेकिन जिस तरह से उन्हें लगातार जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, वह सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि गिल इस अचानक आई कप्तानी के दबाव को किस तरह संभालते हैं।
रोहित शर्मा, जिन्होंने भारत को कई यादगार जीतें दिलाईं, अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर शामिल हैं। ऐसे में गिल पर अब न केवल कप्तानी का दबाव है, बल्कि रोहित की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती भी। गिल भारतीय क्रिकेट के भविष्य माने जाते हैं, लेकिन जिस तरह से उन्हें लगातार जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, वह सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि गिल इस अचानक आई कप्तानी के दबाव को किस तरह संभालते हैं।