शाहजहांपुर के मोहल्ला बाडूजई अव्वल निवासी प्रमोद सक्सेना (40 वर्ष) की रविवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी उनके भतीजे विवेक उर्फ शानू को बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विवेक से 12 दिन पहले कुत्ते के शव को दफन करने के लिए कहने पर प्रमोद की हाथापाई हो गई थी। इसी खुन्नस में वारदात को अंजाम दिया गया।
शाहजहांपुर शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम में रविवार की रात भतीजे विवेक सक्सेना उर्फ शानू ने अपने चाचा प्रमोद सक्सेना का खून बहा दिया। शराब के नशे में धुत आरोपी के सिर पर खून सवार था। हाथ में तमंचा देखकर मृतक की पत्नी सीमा व बेटा चिंटू ने आरोपी के हाथ जोड़े, पैरों पर गिरकर गिड़गिड़ाए। तब भी उसने गोली चलाकर चाचा की हत्या कर दी।
प्रमोद सक्सेना के सबसे बड़े भाई सरोज सक्सेना की हथौड़ा में क्लीनिक है। उनके साथ रहकर विवेक भी उपचार करना सीख गया। सरोज के निधन के बाद उनकी क्लीनिक को विवेक ने संभाल लिया। विवेक व उनके चाचा प्रमोद गुप्ता मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरों में तो प्रमोद के भाई दिनेश, प्रदीप और विनोद नीचे के कमरों में रहते हैं।


परिजनों के अनुसार रविवार की रात प्रमोद अपने कमरे में बच्चों के साथ सोए हुए थे। रात करीब 11 बजे विवेक शराब के नशे में अपने कमरे से निकला और प्रमोद के दरवाजे पर लातें और घूंसे मारने लगा। देर रात में हंगामा होने पर प्रमोद का परिवार जाग गया। मृतक के भाई विनोद ने बताया कि प्रमोद की पत्नी सीमा बाहर निकली तो भतीजे विवेक ने उनके ऊपर तमंचा तान दिया।

सीमा ने कहा कि भइया यह क्या कर रहे हो। गोली चल जाएगी। मां के ऊपर तमंचा तना देखकर उनका बेटा चिंटू भी आगे बढ़ा। उसने भैया-भैया करते हुए गुहार लगाई। तभी प्रमोद सामने आ गए। उन्हें देखकर विवेक ने उनकी ओर तमंचे की नाल मोड़ दी। इस पर मां-बेटे विवेक के पैरों पर गिर पड़े। बोले-तमंचा लोड है, गोली चल जाएगी तो अनर्थ हो जाएगा। विवेक के सिर पर खून सवार था। उसने चाचा के पेट से तमंचा सटाकर फायर कर दिया। गोली लगते ही वह गिर गए। इस बीच आरोपी मौके से भाग गया।
गोली चलने की आवाज सुनकर विनोद गुप्ता समेत अन्य परिजन दौड़ पड़े। विनोद के अनुसार, भतीजा काफी गुस्से में था। उसने उन्हें घूरकर देखा तो वह भी खंभे के पीछे छिप गए। परिवार के अन्य सदस्य भी डर की वजह से छिप गए थे।

एक एजेंसी पर सेल्समैन प्रमोद सक्सेना की कच्ची गृहस्थी है। उनकी पत्नी सीमा के अलावा दस वर्षीय बेटा चिंटू व छह वर्षीय अंकुर है। उनकी मौत से पत्नी सीमा बिलख पड़ी। दोनों बच्चों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे।

मृतक के भतीजे विवेक का विवाह पायल के साथ हुआ है। उसकी ससुराल घंटाघर के पास है। उसके भी दो बच्चे हैं। वह शराब पीने का आदी बताया जा रहा है।

शाहजहांपुर के मोहल्ला बाडूजई अव्वल निवासी प्रमोद सक्सेना (40 वर्ष) की रविवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी उनके भतीजे विवेक उर्फ शानू को बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विवेक से 12 दिन पहले कुत्ते के शव को दफन करने के लिए कहने पर प्रमोद की हाथापाई हो गई थी। इसी खुन्नस में वारदात को अंजाम दिया गया। थाना सदर बाजार पुलिस विवेक की तलाश कर रही है।

सेल्समैन प्रमोद और उनके भाई स्व. सरोज सक्सेना के बेटे विवेक के परिवार मकान की दूसरी मंजिल पर अगल-बगल कमरों में रहते हैं। प्रमोद के सबसे छोटे भाई प्रदीप की कार की चपेट में आकर एक कुत्ता मर गया था। भाई विनोद सक्सेना ने बताया कि प्रदीप व प्रमोद उसके शव को दफनाने जा रहे थे। प्रमोद ने विवेक से कुत्ते का शव बोरी में रखने में मदद करने के लिए कहा। उसने दुर्गंध आने की बात कहते हुए इन्कार कर दिया था।

इस बात पर विवेक और प्रमोद में हाथापाई हो गई थी। शाम को परिवार के लोगों ने दोनों को साथ में बैठाकर गिले-शिकवे दूर करा दिए थे। विनोद के अनुसार, रविवार रात भतीजे विवेक ने शराब पी और चाचा प्रमोद के कमरे पर जाकर दरवाजा खटखटाने लगा। आरोप है कि आवाज सुनकर प्रमोद की पत्नी सीमा बाहर आईं तो भतीजे ने उन्हें तमंचा दिखाकर धमकाया। प्रमोद के दस वर्षीय बेटे चिंटू ने यह सुनकर गोली नहीं मारने की गुहार लगाई तो उसके मुंह पर लात मार दी। इस बीच प्रदीप बाहर निकले तो पेट से सटाकर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई।