झज्जर पुलिस ने अवैध वसूली और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो युवकों को दबोच लिया है। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया पर अपराधियों से प्रभावित होकर इस वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे।
25 लाख से 30 लाख की मांग
पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने बताया कि रईया निवासी एक व्यक्ति, जिसका झज्जर शहर में कार्यालय है, ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 28 अगस्त 2025 की सुबह उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने 25 लाख रुपये की अवैध मांग की और इंकार करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 7 सितंबर को सुबह 9 बजे दोबारा संपर्क किया गया। इस बार अज्ञात आईडी से इंस्टाग्राम पर ऑडियो-वीडियो के जरिए 30 लाख रुपये की मांग की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही सीआईए झज्जर के निरीक्षक विवेक मलिक के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से दोनों आरोपियों का पता लगाया। आरोपियों की पहचान प्रितुल (पुत्र प्रमोद, निवासी ईगरा, जींद) और मनीष उर्फ अरुण (पुत्र वीरेंद्र, निवासी रईया) के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके मोबाइल फोन बरामद किए। उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि और वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया पर अपराधियों की गतिविधियों से प्रभावित थे। इसी के चलते उन्होंने अवैध उगाही का रास्ता चुना। साथ ही यह भी पता चला कि मनीष और शिकायतकर्ता के बीच पहले से 10 हजार रुपये का लेन-देन विवाद था। इसी रंजिश के चलते मनीष ने अपने साथी के साथ मिलकर रकम की बड़ी डिमांड कर दी।
आगे की कार्रवाई
बरामद किए गए दोनों मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच जारी है और आरोपियों के अन्य संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।