नेपाल में विरोध प्रदर्शन की आड़ में फैली हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी रोकने के लिए सेना सड़कों पर उतर गई है। प्रदर्शनों पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध के आदेश के साथ कर्फ्यू लगा दिया है। इस बीच, आंदोलनकारी अंतरिम सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इस बीच, काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह ने जेन-जी और नेपाली नागरिकों से शांति की अपील करते हुए धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश इस समय अभूतपूर्व परिस्थिति से गुजर रहा है। शाह ने कहा कि अब देश में अंतरिम सरकार बनने जा रही है, जो नए चुनाव कराएगी और जनता से नया जनादेश लेगी।बालेंद्र शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘प्रिय जेन-जी और सभी नेपालियों से मेरा अनुरोध है, देश इस समय एक अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है। आप अब एक सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

कृपया इस समय घबराएं नहीं और धैर्य रखें। अब देश को एक अंतरिम सरकार मिलने वाली है, जो देश में नए चुनाव कराएगी। इस अंतरिम सरकार का काम चुनाव कराना और देश को एक नया जनादेश देना है।’शाह ने आगे कहा कि मैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को इस अंतरिम/चुनावी सरकार का नेतृत्व सौंपने के आपके प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव युवाओं की समझदारी, परिपक्वता और एकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी नेतृत्व संभालने की जल्दी में हैं, उन्हें समझना चाहिए कि देश को आपके जुनून, सोच और ईमानदारी की स्थायी रूप से जरूरत है, अस्थायी रूप से नहीं। इसके लिए चुनाव होंगे, इसलिए जल्दबाजी न करें। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि जेन-जी द्वारा लाई गई ऐतिहासिक क्रांति की रक्षा के लिए बिना देर किए संसद भंग कर अंतरिम सरकार का गठन किया जाना चाहिए। दरअसल, दो दिन तक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत कई मंत्रियों के इस्तीफे के बाद बुधवार को काठमांडो समेत प्रमुख शहरों में तनावपूर्ण शांति रही। पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड की बेटी गंगा दहल के ललितपुर स्थित सुनाकोठी में घर में एक जला शव मिला।
प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को गंगा के घर में आग लगा दी थी। ललितपुर के एसपी श्यामकृष्ण अधिकारी ने बताया कि शव पुरुष का है, पर उसकी पहचान नहीं हो पाई है।सरकारी भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और नेताओं के बच्चों की विलासितापूर्ण जीवनशैली के विरोध में दो दिन में सबकुछ खाक में मिला देने पर आमादा युवा अब नए नियमों और कानून से नेपाल को संवारना चाहते हैं। वे ऐसा नेपाल चाहते हैं, जिसमें भ्रष्टाचार से निपटने के लिए पूरी कानूनी व्यवस्था हो, साथ ही युवाओं को काम करने का अधिक अवसर मिले। इसी कोशिश में कुछ युवा क्षतिग्रस्त हुई इमारतों की साफ सफाई और कांच के टुकड़ों और मलबों को हटाने के लिए सड़कों पर उतरे।आंदोलनकारियों ने कहा, दो दिन में हमने जो हिंसक विरोध प्रदर्शन देखे हैं, वे अब शायद न हों, लेकिन हम देश में नए नियम-कानून चाहते हैं।
हम चाहते हैं कि युवा अपने देश में काम कर सकें। इसलिए जेन-जी विरोध प्रदर्शन हुए। अब, केपी ओली भाग गए हैं, भ्रष्ट नेता भाग गए हैं, अब हमें एक नए नेता की जरूरत है। इनका यह भी कहना है, बेहतर अवसर की तलाश में प्रतिदिन लगभग पांच हजार से अधिक युवा नेपाल छोड़ रहे हैं। वे चाहते हैं कि ऐसी व्यवस्था बने जिससे युवाओं को अपना देश छोड़कर न जाना पड़े, उन्हें अपने देश में ही काम करने का अवसर मिले।




