Dancing Plague Mystery: इतिहास में डांस से जुड़ी एक ऐसी अजीबोगरीब घटना भी दर्ज है, जिसे जानने के बाद आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। हम आपको 1518 में यूरोप के रोम साम्राज्य के स्ट्रासबर्ग शहर की एक अनोखी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं।

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The Dancing Plague Of 1518: डांस करना खुशी का इजहार करने जैसा है। इसी वजह से लोग शादी-पार्टियों में खूब डांस करते हैं। यही नहीं कई लोग तो फिट रहने के लिए भी डांस करते हैं। वहीं इतिहास में डांस से जुड़ी एक ऐसी अजीबोगरीब घटना भी दर्ज है, जिसे जानने के बाद आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। हम आपको 1518 में यूरोप के रोम साम्राज्य के स्ट्रासबर्ग शहर की एक अनोखी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं।
शुरुआत में फ्राउ के साथ कुछ लोग डांस कर रहे थे, धीरे-धीरे ये आंकड़ा सैकड़ों तक पहुंच गया। उसके बाद यह बीमारी डांसिंग प्लेग के नाम से मशहूर हुई। डांसिंग प्लेग में लोग डांस करते-करते बेहोश हो जाते और जैसे ही होश आता वे दोबारा उठकर डांस करने लगते। इस दौरान उनके पैरों से खून निकलने लगता फिर भी वे डांस करते रहते।
डांसिंग प्लेग की चपेट में करीब 400 लोग आए। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इसमें एक दिन में 15-15 लोगों की मौत हो रही थी। इनमें से ज्यादातर लोगों की मौत हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कमजोरी से हुई। स्थानीय लोगों को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था उन्होंने पहले ऐसा कभी कुछ नहीं देखा था।
डांसिंग प्लेग क्यों शुरू हुआ इसको लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं। उस दौरान डॉक्टरों का मानना था कि यह हॉट ब्लड की वजह से हुआ और यह मास हिस्टीरिया का रूप ले गया। कुछ लोगों के मुताबिक यह एरगोट पॉइजनिंग की वजह से शुरू हुआ, जिसमें ऐसे रसायन होते हैं जो LSD जैसे असर डालते हैं।
मगर असली सच्चाई अब भी रहस्य है। डांसिंग प्लेग धीरे-धीरे थम गया लेकिन यह कई तरह के सवाल अपने साथ छोड़ गया। 500 साल पुरानी यह घटना हमें इस बारे में बताती है कि दिमाग और शरीर का रिश्ता कितना जटिल है।