सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र के हराजखेड़ी गांव में अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गांव के तीन मासूम पपनाश नदी किनारे कीचड़ में फिसलकर तेज बहाव में बह गए। मौके पर मौजूद चौकीदार मानसिंह ने बहादुरी दिखाते हुए दो बच्चों को बचा लिया, लेकिन 10 वर्षीय बंटी पिता राजेश मालवीय को नहीं बचाया जा सका।

कैसे हुआ हादसा
ग्रामवासी बताते हैं कि बच्चों को चौकीदार ने पहले भी नदी के खतरनाक हिस्से से हटाया था, लेकिन वे फिर खेल-खेल में वहीं पहुँच गए। प्रतिमा विसर्जन के जयकारों और उत्साह के बीच अचानक बच्चों के बहने से अफरा-तफरी मच गई। बंटी अपने दोस्तों के साथ विसर्जन देखने पहुंचा था, लेकिन हादसे का शिकार हो गया।
प्रशासन अलर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। आष्टा एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि शव की तलाश जारी है और एसडीईआरएफ टीम को बुलाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि प्रतिमा विसर्जन जैसे आयोजनों के दौरान बच्चों को नदी किनारे अकेला न छोड़ा जाए।